Life

  • काश!

    ·

    काश! सुलझ जाती कुछ उलझनें;उंगलियों में घूमता हुआ वो धागातुमने उलझाने के लिये तो न लपेटा होगा,गोरी उंगलियों पर लिपटीकाले धागे की कई परतेंअंगूठी है उस रिश्ते कीजिसे न किसी…

    Read →

  • On my own

    ·

    Standing on your own feet and tasting the fruits of your labour is the most cherished aspiration of human life. It would surely be an ecstatic moment when the emptiness…

    Read →

  • बदलाव

    ·

    कितना बदलूँ खुद को मैंकि वैसा हो जाऊँजैसा मैं सच में हूँ,ये शिकायत के कपड़ेअब पुराने हो गये हैंये आँसुओं की दीवारें खोखली हो चुकी हैंबहुत दिन हो गएहोठों को…

    Read →

  • नयी पत्तियाँ

    ·

    मेरी मेज पर रखे शीशे के गमले मेंजो कि आधा भरा है पानी सेखड़ा है एक छोटा सा पौधाघिरा कुछ रंगीन गोलियों सेमेरी बेरंग सी ज़िन्दगी मेंबस ये ही रंग…

    Read →

  • पुराने नोट्स

    ·

    सफल लोगों का कहना हैपीछे मत देखोआज में जियोआज में ही तुम्हारा कल है;पर, प्रेमी जीव क्या करेप्रेम बंध नहीं पाता सीमाओं मेंभूत,वर्तमान और भविष्य की,न ही समझ पाता है…

    Read →

  • Missing!

    ·

    March is the month of nostalgia. The undulating flow of life hits abrupt similar turns during this month of late spring. Generally associated with gushing winds that used to flutter…

    Read →

  • कल्पना

    ·

    जब कागज़ पर बनी लंबी घासों के पीछेआपको गाँव न दिखायी दे,जब हर अलंकार का अर्थ ढूँढ़ा जाएशब्दकोषो में,जब प्रेम सिमट जाये आराम सेअर्थ-काम के कोनों में,समझ लीजियेगा डरने लगे…

    Read →

  • बस इतना

    ·

    कोई हाथ पकड़ लेता मेरा भीबस इतना कह देता मुझसे-इतना घबराना किस बात काजब मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँवक़्त बदलेगा तुम्हारा भीसब अच्छा हो जायेगा,सुना नहीं तुमने क्याउस पुराने…

    Read →

  • दर्द

    ·

    दर्द जब भर आता है गले तकतो साँस भी नहीं आती,कितनी सज़ा ज़रूरी हैएक ग़लती के लियेजो जानबूझ कर नहीं की गयी,कितनी सांत्वना ज़रूरी हैउस प्रयास के लियेजो सफल न…

    Read →

  • रंग डालो मेरे राम

    ·

    फाल्गुन में नयी बयार चलीकलियाँ नये रंगों में खिली,हृदय आज सब उल्लसित हैंकुछ ऐसे हैं जो विचलित हैं,मैं कब से बेरंग बैठा हूँमुझ पर भी रंग डालो राम। पैदा हुआ…

    Read →