Life
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नयी पत्तियाँ
· कविताएँमेरी मेज पर रखे शीशे के गमले मेंजो कि आधा भरा है पानी सेखड़ा है एक छोटा सा पौधाघिरा कुछ रंगीन गोलियों सेमेरी बेरंग सी ज़िन्दगी मेंबस ये ही रंग…
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पुराने नोट्स
· कविताएँसफल लोगों का कहना हैपीछे मत देखोआज में जियोआज में ही तुम्हारा कल है;पर, प्रेमी जीव क्या करेप्रेम बंध नहीं पाता सीमाओं मेंभूत,वर्तमान और भविष्य की,न ही समझ पाता है…
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रंग डालो मेरे राम
· कविताएँफाल्गुन में नयी बयार चलीकलियाँ नये रंगों में खिली,हृदय आज सब उल्लसित हैंकुछ ऐसे हैं जो विचलित हैं,मैं कब से बेरंग बैठा हूँमुझ पर भी रंग डालो राम। पैदा हुआ…