Life
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सूखता पौधा
· कविताएँएक डंठल पीली तोड़ करमिटाये सूखने के निशानपीले हो गये तुम परनहीं पहुँचोगे श्मशान,तिनका जब तक रहेगा एक भी हराभाग्य जीवन का रहेगा सदा भरा। हरे हो तुम तो हरी…
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The Indigenous Karate Kids
· EssaysTravelling in Delhi Metro is always a unique experience. Amid all the rush and sweating, one can easily discover the traces of joy. A beautiful girl with her eyes dug…
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तुम साथ होते हो मेरे
· कविताएँकब साथ होते हैं दो लोग?जब होते हैं हाथों में हाथया होती है बातों में बात? तुम साथ होते हो मेरेजब सोच लेती हूँ मैं उस पल कोजब मैंने तुम्हें…
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स्वप्न-हन्ता
· कविताएँजो लौट गया घर अपनेलेकर टूटे सपनों की गाँठक्या लौटेगा उसका यौवनहफ़्ते में दिन जिसके आठ। वो सूखे होंठ पथराई आँखेंबोले चुप चुप में ही हर बातकब तक सुबह की…
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Why Mia left Seb?
· EssaysLa La Land was not any different from the mundane land and times we live in! The cliched theme of love lilted with melodious music and weaved with lyrical dialogues bestowed…
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कौवे के प्रश्न
· कविताएँसूखी डाल पर बैठा कौवादेख रहा खिड़की के पार,एक मेज पर सोती कलमेंजिनमें छुपे भाव अपार। कौवे ने ऊंची तान में पूछाबना सकते क्या मेरा आकार?सुंदर सा दिखता हूँ क्या…
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हाथ की रेखायें
· कविताएँकहीं कुछ तो लिखा होगा उनके भी लियेजिन्होंने की हैं कोशिशेंऔर मिला जिन्हें कुछ भी नहीं;अगर नहीं लिखा कुछतो लिख लें कुछ वो भीअपनी उँगलियों से,हर हाथ की रेखायेंमेहनत से…