Life
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बेकार आदमी
· कविताएँवो आगे नहीं बढ़ सकताक्योंकि उसे दोहराना नहीं आता!अक्षम्य है वो मनुष्यजिसने घिसे पिटे सिद्धान्तों कीपुनरावृत्ति नहीं की,क्योंकि किसी भी परीक्षा मेंवो प्रथम नहीं आ सकता। पंक्ति में खड़ा आखिरी…
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मैं तुम्हे देख रहा हूँ
· कविताएँतुम्हे पता है क्या?तुम्हारी खिड़की से झांकता चाँदमेरा जासूस है। जब सो जाती हो तुमतब वो बताता है मुझकोकिस करवट लेटी हो तुम,मैं भी वैसे बदल लेता हूँ करवटसुनते हैं…
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सर्द गिलहरी
· कविताएँमेरा दोस्त कहा करता था मुझसेसर्दी मौसम है सुस्त लोगों कामैंने भी बोला था बचपने मेंमुझे सर्दी पसंद है,कहते हैं लोगसर्दी मौसम है डिप्रेस्ड लोगों कामुझे डिप्रेशन भी है! पर,…
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मेरी भी नज़र में
· कविताएँमोबाईल की स्क्रीन पर देखते देखतेकुछ यूँ हँसी तुम्हारी आँखेंएक मुस्कुराहट दौड़ सी गयीमेरी भी नज़र में वो सपनों के नगर मेंएक छोटे से कोने मेंयूँ बेफ़िक्र लेटे थे तुमदुनिया…