कहीं कुछ तो लिखा होगा
उनके भी लिये
जिन्होंने की हैं कोशिशें
और मिला जिन्हें कुछ भी नहीं;
अगर नहीं लिखा कुछ
तो लिख लें कुछ वो भी
अपनी उँगलियों से,
हर हाथ की रेखायें
मेहनत से नहीं बनती।
– प्रशान्त
कहीं कुछ तो लिखा होगा
उनके भी लिये
जिन्होंने की हैं कोशिशें
और मिला जिन्हें कुछ भी नहीं;
अगर नहीं लिखा कुछ
तो लिख लें कुछ वो भी
अपनी उँगलियों से,
हर हाथ की रेखायें
मेहनत से नहीं बनती।
– प्रशान्त

– अशान्त
– Ashant
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