कविताएँ

  • तेरी मोहब्बत

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    जिस साँस में नहीं तुम उस पर तोहमत है, हर ज़र्रा रोशन जिस से वो तेरी मोहब्बत है। बड़ा पाक है तेरे साये का हसीन असर, हर रंग-ए-ज़िंदगी बस तेरी…

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  • अकेली मौत

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    पत्तियों का सूखना,बूंदों का गिरना,संबंधों का टूटना-ये निशान हैं किश्तों में होने वाली मौत के;कोई अचानक ही नहीं मरता,कोई अकेले नहीं मरता। सपनों का टूटनाआवाज़ का रूठनाबर्तनों का फूटना-ये निशान…

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  • प्रेम निवेदन

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    एक निवेदन तुमसे हैकरना तुम स्वीकार प्रिये,प्रेम रत्न से सदैव तुमकरना अपना श्रृंगार प्रिये। यह जीवन का सूर्य प्रखरशीतल हो तुम छाँव प्रिये,मैं पृथ्वी सा घूमूँ नित्यधुरी तुम मेरा तुम…

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  • प्रेमी मन

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    ये मौन प्रेम की प्रखर कल्पनानहीं यथार्थ में सुखदायी,प्रेम फलता है स्निग्ध स्नेह सेनहीं इसने आदर्शों की सत्ता चाही। नैतिकता बसती है स्वत्व मेंहै उसमें भी सहज अहं भाव,प्रेम निर्झर…

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  • परिभाषा

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    मुझे इस जीवन तक ले आयीप्रेम को परिभाषित करने की आकांक्षामोक्ष से भी बड़ी हो गयीप्रेम को परिभाषित करने की आकांक्षा;निरर्थक हो गये सदियों के प्रयत्नतुमसे मिलते ही,ज्ञात हुआ तुम्हें…

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  • यादों के गद्दे

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    पिछली बारिश मेंइन पहाड़ों परउग आये हैं घासों के गद्दे,जैसे डायरी मेंउग आती है तुम्हारी यादें,एक समय था-तुम्हारी हँसी में आराम थाठंडे हाथों को जैसे डाल लिया हो जेब में;जिसे…

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  • शहर की बाढ़

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    हिमालय की आँखों का पानीशहरों में पहुँच करबन जाता है बाढ़;इस पानी में-नहीं तैरती कोई नाँवनहीं पलती कोई मछली,शहरों में आकर हिमालय का पानीजीवन की तरहखारा हो जाता है। –…

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  • धनक-पुल

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    क्षितिज के दो छोरों परदो प्रेमी खड़े हैंएक शायद तुम होएक शायद मैं हूँ,इन दो छोरों के बीचधनक ने बनाया है पुल-हम दोनों को पता है न तुम आओगी इस…

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  • खोया शहर

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    इन्सान बदलें तो चलता हैक्यों बदल जाते हैं शहर? बदला हुआ शहर बदल देता हैउन यादों कोजिन्हें उड़ाया था धुँए में हमनेनाचने को उसी आबो हवा मेंजिसमें मैं पैदा हुआऔर…

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  • अंतिम कविता

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    तुम्हारी निर्ममता से क्षत-विक्षतरो-रो कर सूख गया मेरा क्लान्त हृदयनींव है असफलता और दुःख कीतुम्हारे सामीप्य को किये गयेमेरे समस्त प्रयास काश! तुमने मुझसे झूठ न बोला होता। भौतिकता की…

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