हिमालय की आँखों का पानी
शहरों में पहुँच कर
बन जाता है बाढ़;
इस पानी में-
नहीं तैरती कोई नाँव
नहीं पलती कोई मछली,
शहरों में आकर हिमालय का पानी
जीवन की तरह
खारा हो जाता है।
– अशान्त
हिमालय की आँखों का पानी
शहरों में पहुँच कर
बन जाता है बाढ़;
इस पानी में-
नहीं तैरती कोई नाँव
नहीं पलती कोई मछली,
शहरों में आकर हिमालय का पानी
जीवन की तरह
खारा हो जाता है।
– अशान्त

– अशान्त
– Ashant
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