बस इतना

– अशान्त ·

– Ashant ·

· in

कोई हाथ पकड़ लेता मेरा भी
बस इतना कह देता मुझसे-
इतना घबराना किस बात का
जब मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ
वक़्त बदलेगा तुम्हारा भी
सब अच्छा हो जायेगा,
सुना नहीं तुमने क्या
उस पुराने भुतहे घर में
कल ही नया परिवार आया है!
काश! कोई हाथ-देखा,अनदेखा
बस इतना कह देता मुझसे….

-प्रशान्त

– अशान्त

– Ashant

अशान्त की चिट्ठी

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