Philosophy
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पुराने नोट्स
· कविताएँसफल लोगों का कहना हैपीछे मत देखोआज में जियोआज में ही तुम्हारा कल है;पर, प्रेमी जीव क्या करेप्रेम बंध नहीं पाता सीमाओं मेंभूत,वर्तमान और भविष्य की,न ही समझ पाता है…
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रंग डालो मेरे राम
· कविताएँफाल्गुन में नयी बयार चलीकलियाँ नये रंगों में खिली,हृदय आज सब उल्लसित हैंकुछ ऐसे हैं जो विचलित हैं,मैं कब से बेरंग बैठा हूँमुझ पर भी रंग डालो राम। पैदा हुआ…
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बेकार आदमी
· कविताएँवो आगे नहीं बढ़ सकताक्योंकि उसे दोहराना नहीं आता!अक्षम्य है वो मनुष्यजिसने घिसे पिटे सिद्धान्तों कीपुनरावृत्ति नहीं की,क्योंकि किसी भी परीक्षा मेंवो प्रथम नहीं आ सकता। पंक्ति में खड़ा आखिरी…
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सर्द गिलहरी
· कविताएँमेरा दोस्त कहा करता था मुझसेसर्दी मौसम है सुस्त लोगों कामैंने भी बोला था बचपने मेंमुझे सर्दी पसंद है,कहते हैं लोगसर्दी मौसम है डिप्रेस्ड लोगों कामुझे डिप्रेशन भी है! पर,…