Philosophy

  • मेरा सूरज

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    खिड़कियाँ खुली रखनी चाहियेसर्दी में भीक्या पता उड़ के आ जायेकोई ओस से भीगा फूल। चाहे कितनी भी गहरी हो ज़िन्दगी में धुंधउसे हारना ही है एक दिनकिसी न किसी…

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  • मैं स्वतन्त्र हूँ

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    जिस दिन,  बिना झूठ बोले बिना बात बनाये  बिना भेष बदले  बिना कुछ गलत कहे बिना कोई और बने  मैं सच बोल सकूँगा  मैं मानूँगा  कि, मैं स्वतन्त्र हूँ।   …

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  • पहली धुंध

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    कुछ धुंधला था मेरा सपनाधुंधली थी मेरी सुबहअगर कुछ भी नहींतो, आँखें ज़रूर धुंधली थीं। सुबह सुबह तुम बैठी थीमेरी मेज़ परजैसे कोई अधखुली किताबबुकमार्क से लग रहे थेतुम्हारे चेहरे…

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  • प्रदूषण

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    पार्टिकुलेट मैटर 2.5बढ़ गये हैंहवा की तरहमेरे जीवन में भी;शिथिल हो रहे हैं मेरे स्वप्नमेरे फेफड़ों जैसेकाश! रोक पाताइन्हें कोई मास्क। भावुक मनुष्य नहीं रोक पाताअपनी क़िस्मतयादों और आदत को;ये…

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  • रावण

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    सोचता हूँ कि रावण बन जाऊं  क्योंकि, आज कल  सरल तरीके से  राम के मिलने की  संभावना कम है।  कुछ बुरा नहीं है  रावण बनना भी, वो ज्ञानी था  वो सफल…

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  • बिल्ली

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    जब भी कोई मनुष्यरखता है ऊंचा लक्ष्यचलता है ऐसे पथ परजिस पर भीड़ नहींऐसे में,असफल होते हीउसकी आत्मा बिल्ली हो जाती हैऔर,टूट पड़ती हैं उस परसमाज की अपेक्षाएं और तानेकुत्तों  की तरह;कर…

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  • कटते रहोगे तुम

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    जब अपने ही बदल जायें तो क्या कर लोगे तुमचलने लगेगी जब ज़मीन कितना ठहर लोगे तुम रिश्ते, इश्क़,दोस्ती, सब जज़्बा-ए-दिल हैंदिल ही बदल जायें तो क्या कर लोगे तुम कम थे…

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  • असमय मृत्यु

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    मेरा जो कुछ भी मुझ में थाहो गयी उसकीआज असमय मृत्यु। ये उसी दिन तय हो गया थाजब पहली बार मैंनेकुछ अलग करने को सोचा था। मेरे सपने बन गये…

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  • पैरों के निशान

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    पड़ते नहीं अब कहीं मेरे पैरों के निशानमेरी रूह मुझसे कब की जुदा हो चुकी है जो जलती थी मुझ में मैं चलता था जिस सेवो हसरत भी मुझसे विदा…

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  • Atonement

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    Since times immemorial, in my otherwise short life, I have been nurturing irrepressible urge for the atonement of my past. Driven by the pathetic present and desirous of glorious future,…

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