जिस दिन,
बिना झूठ बोले
बिना बात बनाये
बिना भेष बदले
बिना कुछ गलत कहे
बिना कोई और बने
मैं सच बोल सकूँगा
मैं मानूँगा
कि,
मैं स्वतन्त्र हूँ।
– प्रशान्त

– अशान्त
– Ashant
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