All writing

Everything, newest first. Prefer one language? Choose below.

  • What I need now

    ·

    What I need now is neither loveNor any fashionable trend,One who can read my curious heartAll I need is a real dear friend. I need not a shoulder to cryNot…

    Read →

  • मोहब्बत चीज़ पुरानी थी

    ·

    मोहब्बत चीज़ पुरानी थीअब उसका ना कोई मोलनये दौर के इश्क़ काब्राण्ड कुछ अलहदा है,ठीक चवन्नी वाली टाफी की तरहजो ‘नये रैपर’ मेंअब दस रुपये में मिलती है,पहले मिलती थीजो…

    Read →

  • ग़रीबी

    ·

    ग़रीबी शरीर ही नहीं  दिमाग भी खा जाती है  जैसे कोई बिना जीभ का  आदमखोर राक्षस  जो स्वाद नहीं लेता  बस निगल जाता है  यूं ही। निगले जाते हैं  सपने…

    Read →

  • तू मेरे पास जब भी आ जाए

    ·

    वो जो अधूरा सादूर खड़ा है अपना जीवनहो जाएगा वो तो पूरामेरे पास अगर तुम आ जाओ, किसको है मुकम्मल जहाँ की उम्मीदकिसे चाहिए सब कुछ साबूतबस थोड़ी सी ख्वाहिश हैहम…

    Read →

  • वो डोर कहाँ टूटी ही थी

    ·

    वो डोर कहाँ टूटी ही थीजिसको तुम टूटा जान रही होवो बात कहाँ भूली ही थीजिसको तुम भूला मान रही होऔर कहाँ बदला था कहीं कुछजिसको तुम बदला मान रही होसाल दो साल…

    Read →

  • दोबारा इस दुनिया में आने की ज़रूरत क्या है

    ·

    बड़ी भीड़ है बाज़ार में जहां कभी मेरी माँ जाती थीआज मिलता है वहीं मुझे सुकून, वजह क्या है इश्क करता है हर कोई अपने तरीके सेफिर अंजाम एक सा होने…

    Read →

  • मैं वो आवारा हूँ

    ·

    उकता गयी है अब रात भीमेरे देर तक जागने सेअब चली जाती है जल्दी हीछोड़ मुझे सहर के साथकोसता है मुझ ही कोसोता हुआ आफताबकि मेरी बेचैनीउसकी मोहब्बत में ख़लल…

    Read →

  • Oh FLOOD!

    ·

    Allahabad Flood, 2013 (Link to the Album) Oh Flood! I knew you only as a metaphor When I drowned in my miseries  In all the emotive vain But here you are-…

    Read →

  • पुराना पार्क

    ·

    जब कभी मन ऊबेतो उस पुराने पार्क में आइयेजिसमें उस पुरानी दोपहर काराज़ आज भी ताज़ा हैबहुतों ने छुआ होगा उस बड़े पत्थर कोपर आपके हाथों का एहसासआज भी ताज़ा हैप्यार…

    Read →

  • पता नहीं जब झगड़ा क्या था

    ·

    कोई जन्नत का तालिब है, कोई ग़म से परेशान हैगर्ज़ सजदा करवाती है ,यूं ही इबादत कौन करता है यूं ही सच्चा था सब अगर, फिर सपना क्यों थाअगर इश्क भी…

    Read →