All writing

Everything, newest first. Prefer one language? Choose below.

  • मृत्यु

    ·

    मृत्यु सत्य है,किन्तु तभीजब वह प्राकृतिक हो,अन्यथा है वोएक भद्दा नाटकजिसे खुद हीलिखा-निर्देशितकिया गया हो,जिसे देखा भी होतुमने अकेलेऔर किया हो अकेले हीवो अंतिम अभिनय,समाप्त हो गया जिसके बादसब कुछ,रह गया खाली…

    Read →

  • दंगा

    ·

    जो हुआ है हलाल  पिछले चौराहे पर, ना हिन्दू था ना मुस्लिम था  और, ना ही कोई मुर्गा था जिसे मारा गया लेने को स्वाद; वो ठंडी बे-मज़हब लाश  है…

    Read →

  • बिना दाग़ वाला चाँद

    ·

    शायद मैने सुबह देखा था उसे, इसीलिये मुझे लगा वो  बिना दाग़ वाला चाँद रोज़ सूरज छुपा देता था उसे, आज डाँक कर दूसरी छत से देखा तो पाया ना उसमें…

    Read →

  • लापता कर गये

    ·

    ढूंढते थे पता मेरा कल जो  कभी,लोग वो ही मुझे लापता कर गये । दे दी सज़ा हमने सह भी लिया,ना जाने क्या हम ख़ता कर गये। जिनकी महफ़िल की मैं…

    Read →

  • तुम्हारी पीठ पर

    ·

    प्रकृति के नैसर्गिक कोष सेतुमने,पायी है जो सोने सी काया,उस प्रेम-पृष्ठ पर स्याही सेकभी कोई “टैटू ” ना गुदवाना,बस,हो सके तो सहेज लेना तुम,उन हस्ताक्षर कोजो अपनी उंगली सेकभी किये…

    Read →

  • कल, फिर क्यों तुम्हारी याद आयी?

    ·

    सब कुछ रोज़ के जैसा थादेर से उठ कर देखा तोसूरज कुछ धीमा-धीमा था!कल, फिर क्यों तुम्हारी याद आयी? पढ़ रहा आज-कल मैं जिसेप्रथम-पृष्ठ उस पुस्तक का देखा तोपाया, तुम्हारी…

    Read →

  • एक पीली छतरी

    ·

    पीला उत्साह का रंग है। एक ऐसा रंग जो प्रकृति के प्रकाश-पुंज सूर्य का वृहद् प्रतिबिम्ब है। उसकी अगाध ऊर्जा का सर्वत्र विद्यमान चिन्ह है। कुछ ऐसी ही ऊर्जावान लगी उदय प्रकाश जी…

    Read →

  • वो भी हैं अंग तुम्हारे

    ·

    ओ प्रियतमा! मत नोचवाओ तुम अपने बाल, वो भी हैं अंग तुम्हारे प्रतीक तुम्हारे स्वातंत्र्य का।  मैं प्रियतम भी फिर  कैसा सच्चा प्रेमी हूँ? अगर आधार मेरे प्रेम का  नहीं…

    Read →

  • मैं शांत हूँ आज

    ·

    मैं शांत हूँ आज  पर थका नहीं हूँ मेरा बिस्तर पर लेटना  मेरी कमज़ोरी नहीं मेरी मजबूरी है, क्योंकि कोई और बहाना  मिलता नहीं  थके दिमाग को  आराम देने का। …

    Read →

  • जब कभी भी जाना

    ·

    जब कभी भी जाना  तो मार देना मेरे प्रेम को भी, मैं नहीं चाहता  अब तक था जो मेरे अन्दर सबसे सुन्दर रूप  वो बने कभी भी कुरूप। कब तक…

    Read →