जो हुआ है हलाल
पिछले चौराहे पर,
ना हिन्दू था
ना मुस्लिम था
और,
ना ही कोई मुर्गा था
जिसे मारा गया लेने को स्वाद;
वो ठंडी बे-मज़हब लाश
है सबूत,
उस फ़िल्म का
जो चली थी पिछली रात
जिसका टाइटल
“दंगा” था।
-प्रशान्त

– अशान्त
– Ashant
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