Poems
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बंदिशें कारगर ना हुईं इश्क में!!
· कविताएँबंदिशें कारगर ना हुईं इश्क मेंमैं फना हुआ तुझमे मेरी जानलाख कोशिश की अपनी हस्ती बनाने कीआख़िर में तुझमे हुआ फ़ना मेरी जान। हर ख्वाहिश में बस यही होता हैकि…
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तेरी हर बात मुझे याद आती है!!
· कविताएँतेरी हर बात मुझे याद आती हैज़िन्दगी होती मेरी शुरू जब दुनियासो जाती हैइस पागलपन का तुझे भी है इल्म सनमतभी तो तू हर रात मेरे ख़्वाबों में आती है।…
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निकलो ना इस धूप में!!
· कविताएँनिकलो न इस धूप मेंकुछ पीला पहन करकहीं सूरज ना छुप जाएबदली में तुझसे घबरा कर। तेरी रूप की शमा है जोनही है मामूली बड़ी ख़ास हैजल जाएगा वो हर…
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क्या क्या भुलाओगे?
· कविताएँकितनी दूर मुझसे जाओगेकितनी कसमें तुम भुलाओगेहम तो बस डरते हैंक्या तुम सच में छोड़ जाओगे? कितने पलों को कहो भुलाओगेकितनी यादों को कहो मिटाओगेकितने एहसासों को छुपाओगेअब तक कुछ…
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तुम आईने के सामने बैठे हो!!
· कविताएँतुम आईने के सामने बैठे होबताओ न तुम्हे क्या दिखता है?तुम्हारा चेहरा, मेरा अक्स, हमारा वजूदबताओ न तुम्हे क्या दिखता है? तुम आईने के सामने बैठे होतुम्हारे हाँथ बाल बनाते…
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कोई ख्वाब छुपा रखा होगा!!
· कविताएँअपने सिरहाने तुम ज़रा देखो तोकोई ख्वाब छुपा रखा होगावो सब सवाल जो तेरे में हैंउन सब का जवाब रखा होगा। यूँ तुम्हारे इस जहाँ मेंहमारी मुलाकातों का कोई ज़िक्र…
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ये मेरा अपना शहर है
· कविताएँये मेरा अपना शहर हैगवाह मेरी ज़िन्दगी काइल्म है इसे मेरी हर बात का जो छुपे है उन जज़्बात काफ़िर भी यहाँ सुकून नहींजैसे हो कोई गैर और अपना नहीं।ये…