Poems
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मैं जिंदा हूँ
· कविताएँसोते हुए बीच रात आज आँख खुल गई माथे पर था पसीना सांसें भी कुछ तेज़ थीं भागती धड़कन से एहसास हुआ मैं जिंदा हूँ एक सपने में अभी-अभी देखी…
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हम वहां हो
· कविताएँआप मुस्कुराएँ और हम वहां हों सारे आलम हो हुस्न के और हम वहां हों नहीं तमन्ना हमें ताज महल की छोटा सा घर हो आपका और हम वहां हों पतझड़ में गिरी…
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मिट्टी की तलाश में
· कविताएँमन में जो आया बस उसे लिख रहा हूँ… पता नहीं ये कविता है कि नहीं!! ना ये पता है कि ये साहित्य किसी भी वर्ग में स्थान पाने के लायक…
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अच्छा होता
· कविताएँमेरी कल्पना सत्य हो जाती तो अच्छा होता मनुष्य मनुष्यता सीख लेता तो अच्छा होता भावनाएं ह्रदय से निकलती तो अच्छा होता प्रेम प्रदर्शनी न बनता तो अच्छा होता बातें मुंह…
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मुझको पता है
· कविताएँमुझको पता हैतुमने मुझे मुस्कुराते हुए देखा हैये बात और है किभीड़ के परदे में छुपकरतुमने खुद को छुपा लियापर रोक न पाई अपनी आँखों की चमकजो पार कर झिझक…