Poems

  • मैं जिंदा हूँ

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    सोते हुए बीच रात आज आँख खुल गई माथे पर था पसीना सांसें भी कुछ तेज़ थीं  भागती धड़कन से एहसास हुआ मैं जिंदा हूँ एक सपने में अभी-अभी देखी…

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  • उलझन

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    इमारतें, कुर्सियां जिंदा हो जातीं हैं जब उन पर इंसान बैठते हैं दिमाग सन्नाटे से भीड़ में आता है जब कहीं विचार उबलते हैं  इश्क वही सच्चा है  जो आग…

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  • कुछ पल

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    कुछ पल के बस ये दिन हैं कुछ दिन की बस ये बात है फिर समाँ बदल जाएगा बेफिक्री के इस जहाँ में फ़िक्र का बादल आएगा कुछ पल के बस…

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  • हे प्रेम

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    Valentine’s Day (प्रेम दिवस) पर “प्रेम” को मेरी श्रद्धांजलि!!! हे प्रेम!! कहाँ तुम छुप गए क्यों दुबके हो तुम दिखावे के छोटे वस्त्रो में क्या इतनी आती है तुम्हे शर्म…

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  • हम वहां हो

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    आप मुस्कुराएँ और हम वहां हों सारे आलम हो हुस्न के और हम वहां हों नहीं तमन्ना हमें ताज महल की छोटा सा घर हो आपका और हम वहां हों पतझड़ में गिरी…

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  • मिट्टी की तलाश में

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    मन में जो आया बस उसे लिख रहा हूँ… पता नहीं ये कविता है कि नहीं!! ना ये पता है कि ये साहित्य किसी भी वर्ग में स्थान पाने के लायक…

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  • अच्छा होता

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    मेरी कल्पना सत्य हो जाती तो अच्छा होता मनुष्य मनुष्यता सीख लेता तो अच्छा होता  भावनाएं ह्रदय से निकलती तो अच्छा होता प्रेम प्रदर्शनी न बनता तो अच्छा होता बातें मुंह…

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  • मुझको पता है

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    मुझको पता हैतुमने मुझे मुस्कुराते हुए देखा हैये बात और है किभीड़ के परदे में छुपकरतुमने खुद को छुपा लियापर रोक न पाई अपनी आँखों की चमकजो पार कर झिझक…

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  • I never had a dream!!

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    As a child I never had a dreamI grew upTaking life the way it cameScolding never made me upsetGoing school was always a funI slept in peaceWaking every morning super…

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  • त्रासदी

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    पच्चीस साल पहले यहाँ एक दुर्घटना हुई थीकहते हैं कारखाने से निकली गैस नेहज़ारों का दम घोंटा था,हज़ारों आज भी मर रहे हैं घुट घुट करयाद में उनकी, जो बदनसीबी सेउस वक़्त…

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