Poems

  • मैं वो आवारा हूँ

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    उकता गयी है अब रात भीमेरे देर तक जागने सेअब चली जाती है जल्दी हीछोड़ मुझे सहर के साथकोसता है मुझ ही कोसोता हुआ आफताबकि मेरी बेचैनीउसकी मोहब्बत में ख़लल…

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  • Oh FLOOD!

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    Allahabad Flood, 2013 (Link to the Album) Oh Flood! I knew you only as a metaphor When I drowned in my miseries  In all the emotive vain But here you are-…

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  • पुराना पार्क

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    जब कभी मन ऊबेतो उस पुराने पार्क में आइयेजिसमें उस पुरानी दोपहर काराज़ आज भी ताज़ा हैबहुतों ने छुआ होगा उस बड़े पत्थर कोपर आपके हाथों का एहसासआज भी ताज़ा हैप्यार…

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  • पता नहीं जब झगड़ा क्या था

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    कोई जन्नत का तालिब है, कोई ग़म से परेशान हैगर्ज़ सजदा करवाती है ,यूं ही इबादत कौन करता है यूं ही सच्चा था सब अगर, फिर सपना क्यों थाअगर इश्क भी…

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  • महताब

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    मेरी सोच का महताब वैसा ना हैजैसा देखा होगा तुमने फलक परये ना निकलता है रात मेंना डूबता है दिन मेंगुरनूर  है मेरे दिल में, जैसे कोईना भूली हुयी याद…

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  • मन का जहाज

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    गिराया वक़्त ने बहुत लेकिनबेशर्म निकला मैं भी बहुतइतना किअब कोई चोट दर्द नहीं देतीअब कोई गाली खीझ नहीं देतीअब कोई हार ग़म नहीं देतीअब कोई बात कोई रंग नहीं…

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  • तिनका

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    एक तिनका हूँ मैं उस बूढ़े पेड़ काझूमता खड़ा है जो उस मोड़ परसुलभित,प्रसन्न था मैं भी कभीढोते हुए उसकी पत्तियाँपर आज बात कुछ और हैगिर गया हूँ मैं,सूखी सारी पत्तियांइस…

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  • तलाश अभी जारी है….

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    आईना देखता हूँ रोज़तलाशने चेहरा अपनापर हर रोज़ ही,सामनेकोई और शख्सखड़ा नज़र आता है निकलता हूँ जब घर सेढूँढने इंसान कोई जैसे अपनाअफ़सोस, हर रोज़ हीहर शख्समुझसे जुदा नज़र आता…

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  • प्रेम सुन्दर था

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    प्रेम सुन्दर था  बंधा मन की सीमाओं में,  धृष्टता कर लाँघा उसको  पहुंचा शरीर के पास  जहां देकर क्षणिक सुख  उसको नोचा खसोटा गया, फिर फेंक दिया बहुत दूर  मिटा दिए…

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  • हमारी बिटिया तो चली गयी

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    ‘बिटिया’ शब्द का प्रयोग इसलिए किया है क्योंकि जो दिल्ली में आहत हुई है वो एक “बिटिया” थी ना की कोई ‘बेटी’ या ‘daughter’। एक साधारण बिटिया जो कि  अपने…

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