Love
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पुराने नोट्स
· कविताएँसफल लोगों का कहना हैपीछे मत देखोआज में जियोआज में ही तुम्हारा कल है;पर, प्रेमी जीव क्या करेप्रेम बंध नहीं पाता सीमाओं मेंभूत,वर्तमान और भविष्य की,न ही समझ पाता है…
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मैं तुम्हे देख रहा हूँ
· कविताएँतुम्हे पता है क्या?तुम्हारी खिड़की से झांकता चाँदमेरा जासूस है। जब सो जाती हो तुमतब वो बताता है मुझकोकिस करवट लेटी हो तुम,मैं भी वैसे बदल लेता हूँ करवटसुनते हैं…
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मेरी भी नज़र में
· कविताएँमोबाईल की स्क्रीन पर देखते देखतेकुछ यूँ हँसी तुम्हारी आँखेंएक मुस्कुराहट दौड़ सी गयीमेरी भी नज़र में वो सपनों के नगर मेंएक छोटे से कोने मेंयूँ बेफ़िक्र लेटे थे तुमदुनिया…
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मिल भी जाये
· कविताएँमिल भी जाये कुछ यूँ ज़िन्दगी मुझ सेन वो न मैं कभी एक दुसरे से परेशान हों यूँ देखें मुझे वो छुपी नज़र सेमेरे बस वो ही एक कद्रदान हों…
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फाल्गुनी दोपहर
· कविताएँफाल्गुन की एक दोपहर वो भी थीजब तुम मेरे पास थी,चमकता चेहराआँखों तक मुस्कान,तुमने पहनी थीहमारे प्यार की लाल चूड़ियाँऔर कुछ भी नहीं;आज तुम नहीं हो, औरचाहे जो भी हो…