Poems
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वो आज याद आ रहे हैं
· कविताएँन मिले जिनसे हम न छुआ है कभी भी रूठे दिलबर मेरे वो आज याद आ रहे हैं न गिला है उन्हें है न शिकवा हमें भी दस्तूर ज़माने के…
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प्रेम-सूर्य
· कविताएँमेरे कमरे में धुंध भर गयी है प्रेम-सूर्य कहाँ हो तुम? अब और न छिपो मुझसे मुझे कुछ दिखाई नहीं देता, मैं कब तक चलूँगा अंदाज़े से इन पथरीली राहों…
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चलो सब अदालतें बंद कर देते हैं!
· कविताएँअलसाती दिसंबरी ठंडी में जब कोहरा धूं-धूं उड़ता है रातें लम्बी होती हैं सूरज जब देर से चलता है उन्हीं सुबहों में जब मखमली कंबलों में पैर हमारे सिकुड़ते हैं…
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तुम जैसा जहान में नहीं
· कविताएँकभी कोई शक़ हो ख़ुद पर ले लेना मेरी नज़र तुम उधार, यक़ीन हो शायद तुम्हें उस पल तुम जैसा हुस्न जहान में नहीं। कभी कोई गिला हो ख़ुद पर…
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प्रेम समर्पण
· कविताएँये प्रेम समर्पण मेरा तुम नैना स्वीकार करो सब सीमायें तोड़ कर निर्बन्ध मुझे तुम प्यार करो जो सुंदरता का मान तुम्हारा मुझको रखना होगा नित नयन से नयनों के…