Poems

  • थोड़ी सी नींद

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    ये बचपन नहीं जब आँख का बंद होना होता था नींद का आना, अब तो आँखें बंद होते ही मन चलने लगता है आज से पीछे आज से आगे; इसी…

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  • कुछ तो होगा यहाँ

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    तुम्हारे लिये कुछ तो होगा यहाँ; ताज़े नहीं सही बिखरे फूलों की ख़ुशबू तो होगी तुम्हारे लिये, प्यार नहीं सही किसी की दुत्कार तो होगी तुम्हारे लिये, मंच नहीं सही…

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  • Make me dead first

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    Life is dripping from winter leaves Tell me how to slake my thirst, A broken heart is too much to hold My love make me dead first. I wish to…

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  • निष्ठुर

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    सर्दियाँ निष्ठुर होती हैं- गरीबों के लिये बच्चों के लिये बूढ़ों के लिये जानवरों के लिये जो दूसरों पर निर्भर हैं उनके लिए। आ जाती है निर्भरता कुछ प्रेम में…

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  • तिल

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    तुम सामने नहीं तो क्या नज़रें तुमसे हटती नहीं ऐ मेरे चाँद, तुम्हारे माथे पर कहीं तिल तो नहीं? इस नज़र से देखना है उसको लगे तुम्हें कभी कोई नज़र…

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  • सुबह नये साल की

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    कशमकश भरी है सुबह इस नये साल की ज़िन्दा है सब यादें हर बीते हुये साल की इत्तेफ़ाक़न कोई सिक्का मिल जाये सड़क पर होती नहीं ताईद वो हयात-ए-मालामाल की…

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  • बढ़ई

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    आज घर पर बढ़ई आया है मरम्मत करने कुछ अलमारियों की जिन पर रखी किताबों में सिर्फ़ हर्फ़ नहीं , पुराने फूलों के निशान टॉफी के रैपर कुछ पुराने टिकट…

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  • माँ की बातें

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    माँ ने बचपन में जो ककहरा सिखाया था वो अभी तक याद है वहाँ से लेकर अब तक और कितना कुछ भूल गया, तब शायद बिना बहस किये बिना ज्ञान…

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  • बदल जाओ तुम भी

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    सब बदलता है दुनिया में तुमको भी पता है अब जीना हो अगर तो बदल जाओ तुम भी सब उसूलों की आजमाइश होगी तुम पर ही प्यार करना हो अगर…

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  • ज़रूरी नहीं है

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    मैं अब चुप हूँ बस तेरे लिये ऐ जाँ यादें हैं काफी ज़ुबाँ ज़रूरी नहीं है न वो बोलते हैं न हम बोलते हैं समझना न ये कि बात होती…

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