Poems
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थोड़ी सी नींद
· कविताएँये बचपन नहीं जब आँख का बंद होना होता था नींद का आना, अब तो आँखें बंद होते ही मन चलने लगता है आज से पीछे आज से आगे; इसी…
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कुछ तो होगा यहाँ
· कविताएँतुम्हारे लिये कुछ तो होगा यहाँ; ताज़े नहीं सही बिखरे फूलों की ख़ुशबू तो होगी तुम्हारे लिये, प्यार नहीं सही किसी की दुत्कार तो होगी तुम्हारे लिये, मंच नहीं सही…
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सुबह नये साल की
· कविताएँकशमकश भरी है सुबह इस नये साल की ज़िन्दा है सब यादें हर बीते हुये साल की इत्तेफ़ाक़न कोई सिक्का मिल जाये सड़क पर होती नहीं ताईद वो हयात-ए-मालामाल की…
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माँ की बातें
· कविताएँमाँ ने बचपन में जो ककहरा सिखाया था वो अभी तक याद है वहाँ से लेकर अब तक और कितना कुछ भूल गया, तब शायद बिना बहस किये बिना ज्ञान…
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बदल जाओ तुम भी
· कविताएँसब बदलता है दुनिया में तुमको भी पता है अब जीना हो अगर तो बदल जाओ तुम भी सब उसूलों की आजमाइश होगी तुम पर ही प्यार करना हो अगर…
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ज़रूरी नहीं है
· कविताएँमैं अब चुप हूँ बस तेरे लिये ऐ जाँ यादें हैं काफी ज़ुबाँ ज़रूरी नहीं है न वो बोलते हैं न हम बोलते हैं समझना न ये कि बात होती…