Love
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प्रशस्त-प्रेम
· कविताएँप्रिय मित्र ऋचा और अंकित की विवाह की चौथी वर्षगाँठ के अवसर पर एक छोटा सा प्रयास- कुछ यूँ सुंदर है प्यार तुम्हारा जैसे बोगनवेलिया के रंग-बिरंगे फूल कुछ यूँ…
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ये साथ-साथ
· कविताएँये साथ-साथ की कसमें ये साथ-साथ की रस्में ये साथ-साथ की बातें ये साथ-साथ की रातें ये साथ-साथ का रासें ये साथ-साथ की सांसें ये साथ-साथ की आँहें ये साथ-साथ…
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हमको ज़रा बता दो
· कविताएँबरस सके जो तुम पर वो बादल कहाँ बता दो कहाँ भेजे तेरी तस्वीरें वो पता कहाँ बता दो वो छुअन तुम्हारे गालों की अटकी है दिल में जहाँ जाकर…
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उत्तरायण का सूरज
· कविताएँउत्तरायण सूरज है आज मीठा तेरा तिल है आज , टीस बहुत है दिल में मेरा चाँद दूर बहुत है आज। शीत हवा की जाती है मन में बेचैनी आती…