कविताएँ

कविताएँ और ग़ज़लें। Poems and ghazals in Hindi.

  • चलो सब अदालतें बंद कर देते हैं!

    ·

    अलसाती दिसंबरी ठंडी में जब कोहरा धूं-धूं उड़ता है रातें लम्बी होती हैं सूरज जब देर से चलता है उन्हीं सुबहों में जब मखमली कंबलों में पैर हमारे सिकुड़ते हैं…

    Read →

  • तस्वीरें

    ·

    तस्वीरें स्क्रीन पर नहीं काग़ज़ पर अच्छी लगती हैं, उभर आते हैं जज़्बात काग़ज़ की ख़ुशबू के साथ, जी सा जाता है वो पल जब कोई मुस्कुराया था और पहुँच…

    Read →

  • पैरहन

    ·

    मेरी किताब के पहले पन्ने पर लिखे लफ़्ज़मेरे नहीं तुम्हारे हैंआज कल कलम की नोंकमुड़ जाती है उधरजिधर तुम्हारी आँखें मुड़ जाती हैं;कई बरसों से मुझे नींद नहीं आयी हैजो…

    Read →

  • तुम जैसा जहान में नहीं

    ·

    कभी कोई शक़ हो ख़ुद पर ले लेना मेरी नज़र तुम उधार, यक़ीन हो शायद तुम्हें उस पल तुम जैसा हुस्न जहान में नहीं। कभी कोई गिला हो ख़ुद पर…

    Read →

  • मेरा चाँद

    ·

    मेरा चाँद आसमान में नहीं मेरे दिल में निकलता है, मेरा चाँद सुबह शाम से परे हर पल मेरे दिल में पिघलता है, मेरा चाँद जब आता है आँखों में…

    Read →

  • डूबता सूरज

    ·

    ऐ डूबते सूरज! क्या निगल सकते हो तुम? मुझे और मेरे संतापों को उस प्रकाश की तरह जो तुम्हारे डूबते ही चला जायेगा पृथ्वी से, जीवन से भी। ऐ डूबते…

    Read →

  • प्रेम समर्पण

    ·

    ये प्रेम समर्पण मेरा तुम नैना स्वीकार करो सब सीमायें तोड़ कर निर्बन्ध मुझे तुम प्यार करो जो सुंदरता का मान तुम्हारा मुझको रखना होगा नित नयन से नयनों के…

    Read →

  • उँगलियों के बीच जगह खाली है

    ·

    सुनी बहुत कहानी प्रेम की सबने ही सुनी होगी। क्या होता है प्रेम? जीने मरने के वादे साथ निभाने वाले इरादे या फिर शादी के धागे? कुछ तो होता होगा…

    Read →

  • दीदी

    ·

    बचपन में स्कूल से लौटते हुये एक छोटा सा था पार्क दीदी मुझे वहाँ झुलाया करती थी। एक अकेला बचपन न थी जिसमें कुछ अनबन बैग मेरा लेकर मुझसे दीदी…

    Read →

  • धुआँ है वक़्त

    ·

    धुआँ है वक़्त तुम्हारे होठों से जो निकला था कुछ हवा ने चुरा लिया कुछ रखा है हमने सँभाल के। उस भीड़ में जब कोई न देखता था किसी को…

    Read →