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हिन्दी में कविताएँ, कहानियाँ और लेख। Poems, stories and essays in Hindi.
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निकलो ना इस धूप में!!
· कविताएँनिकलो न इस धूप मेंकुछ पीला पहन करकहीं सूरज ना छुप जाएबदली में तुझसे घबरा कर। तेरी रूप की शमा है जोनही है मामूली बड़ी ख़ास हैजल जाएगा वो हर…
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क्या क्या भुलाओगे?
· कविताएँकितनी दूर मुझसे जाओगेकितनी कसमें तुम भुलाओगेहम तो बस डरते हैंक्या तुम सच में छोड़ जाओगे? कितने पलों को कहो भुलाओगेकितनी यादों को कहो मिटाओगेकितने एहसासों को छुपाओगेअब तक कुछ…
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तुम आईने के सामने बैठे हो!!
· कविताएँतुम आईने के सामने बैठे होबताओ न तुम्हे क्या दिखता है?तुम्हारा चेहरा, मेरा अक्स, हमारा वजूदबताओ न तुम्हे क्या दिखता है? तुम आईने के सामने बैठे होतुम्हारे हाँथ बाल बनाते…
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काली घुंघराली जुल्फों से
· कविताएँकाली घुंघराली जुल्फों सेहोठों का तिल छुपाओ नइतनी दूरी आज क्यूँ हैमेरे पास आओ ना। तेरी मदहोश आंखों कोआज तो पी लेने देकिसी साकी को आजमोहब्बत के बीच लाओ न।…
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कोई ख्वाब छुपा रखा होगा!!
· कविताएँअपने सिरहाने तुम ज़रा देखो तोकोई ख्वाब छुपा रखा होगावो सब सवाल जो तेरे में हैंउन सब का जवाब रखा होगा। यूँ तुम्हारे इस जहाँ मेंहमारी मुलाकातों का कोई ज़िक्र…
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ये मेरा अपना शहर है
· कविताएँये मेरा अपना शहर हैगवाह मेरी ज़िन्दगी काइल्म है इसे मेरी हर बात का जो छुपे है उन जज़्बात काफ़िर भी यहाँ सुकून नहींजैसे हो कोई गैर और अपना नहीं।ये…
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आशिक कई बने है तेरे!!
· कविताएँआशिक कई बने हैं तेरेतेरी मासूमियत के वार से नज़रें इनायत कीजिये तो ज़राहम भी खड़े है इस कतार में।अपनी नजाकत का है न इल्म तुझे हर अदा दिल पर…
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खून खंजर से ही नही!!!
· कविताएँखून खंजर से ही नहीलफ्जों से भी होता हैसीधे चेहरों के पीछे भीकई बार कातिल छुपा होता है।मोहब्बत का खेल है जहाँ मेंजिसके कई कच्चे खिलाडी हैंदो लफ्जों के बदले…
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कहानी ख़त्म हुई
· कविताएँदुनिया के इस बाज़ार में कई खिलौने बिकते हैंबड़े लोग है आप कोई भी खरीद लिया होताजान थी उसमे जिस खिलौने से आपने ये सलूक कियाज़रा यूँ मारने से पहले…