कविताएँ

कविताएँ और ग़ज़लें। Poems and ghazals in Hindi.

  • हो इश्क़ भला तो ऐसा हो

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    जो तड़प के आख़िर टूट ही जायेहो इश्क़ भला क्यों ऐसा होजो अपनी आग ही सह न पायेहो इश्क़ भला क्यों ऐसा होसाथ कदम जो चल न पायेहो इश्क़ भला…

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  • दो औरतें

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    क्या बुरी है वो औरत तुमसे?क्यों उसे सब वेश्या कहते हैं?वीभत्स तो तुम भी उतनी होजितनी कि वो है,पर अंतर है कुछवो वेश्या अपनी मर्ज़ी से नहींतुम चरित्रहीन अपनी मर्ज़ी…

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  • मुझे अम्बेडकर देख रहे हैं

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    मुझे अम्बेडकर देख रहे हैं आजअपनी उन्हीं आँखों सेपढ़-पढ़ कर जिनसे लिखा था उन्होंने संविधानक्यों मुस्कुराते हैं वो मुझ पर?मेरी असफलता, मेरी कमीया प्रेम पर मेरा आश्रय देख कर? मैंने…

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  • ख़ुदा सुनेगा भी तो कैसे

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    बस छत तक जाने का इरादा हो जिसकाआसमान में सुराख़ वो करेगा कैसे? बुझ जाता है दिल फ़िकरों से जिसकाज़िन्दगी का सिकंदर वो बनेगा कैसे? झोपड़ी में ही महल बस…

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  • शान्त शाम

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    बहुत सालों बादआज की तारीख़ वाली शामबिल्कुल शान्त हैठीक वैसे ही जैसे शान्त थी तुम उस दिनसंचारित था जब प्रेमदो जोड़े होठों मेंजो आशा-प्रत्याशा मेंशर्माते थरथराते थे पर वह शान्ति…

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  • मिलन

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    सुना है बरसों पहलेबनारस से कोई नांव निकली संगम की तरफ पार कर के कितनी ज़मीनकितने महासागरकितने सूखेकितनी बरसातेंकितने मौसमआखिर उसे मिल ही गयावो मांझी प्रेम कामिलाने को उस धारा सेरुकी हुयी…

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  • कुछ लिखा हुआ

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    उसने कहा  कुछ लिख के भेजो ज़रा, मेरे शब्दों में जैसे हलचल मच गयी लड़ते लुढ़कते मुझ तक पहुंचे हैं कुछ सजते ही पेश कर दूंगा मैं भी, जैसे उस साडी…

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  • मेरी ज़िन्दगी

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    मेरी ज़िन्दगी का हालउस ज़मीन जैसा हैजो है तो बहुत बड़ी,जिस पर है नज़र हर किसी की,पर नहीं है उसकामालिक कोईइसलिये,अब वहाँ फूल नहींबस, झाड़-झंखाड़उगते हैं। -प्रशान्त

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  • फ़िर आयेंगे

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    मर तो जायें हम उनके जाने से पर,कह गये हैं वो कि हम फिर आयेंगे। जा चुके थे जो बादल बारिशों के बाद,साथ उनके सर्दियों में वो फ़िर आयेंगे। किताबों…

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  • वो तो मेरा माज़ी था

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    हाँ ये सच है कि उस वक़्त मैं राज़ी थापर जो बीत गया,वो तो मेरा माज़ी था फ़ीके ही सही मेरी क़लम के अशआर हैं येजो छूट गया गहरा स्याही…

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