मर तो जायें हम उनके जाने से पर,
कह गये हैं वो कि हम फिर आयेंगे।
जा चुके थे जो बादल बारिशों के बाद,
साथ उनके सर्दियों में वो फ़िर आयेंगे।
किताबों में जो किस्से लिखे न गये,
ढलती उम्रों में वापिस वो फ़िर आयेंगे।
मेरे साथी जो मेरे शहर से गये,
किसी शाम मिलने वो फ़िर आयेंगे।
मैं बैठा हूँ अब तलक पुरानी राहों पर ही,
बीते लम्हें वहाँ क्योंकि फ़िर आयेंगे।
मेरी रूह का क्या घूम लेगी कहीं,
जिस्म के वलवले पर न फिर आयेंगे।
-प्रशान्त

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