कविताएँ

कविताएँ और ग़ज़लें। Poems and ghazals in Hindi.

  • सिरहाने रखा ख़्वाब

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    सिरहाने रखा ख़्वाब जब तक पूरा ना हो जायेतब नींद आये भी तो क्यों आयेजलना है मुझे अभी खुद में हीनज़र किसी को आये या न आये। मोहब्बत की तो जरूरी…

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  • अब भी तेरे इंतज़ार में बैठे हैं

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    जो धड़क उठे वो दिल ही क्याहम तेरी आरज़ू में बेहाल बैठे हैंसुन्न सब अब कुछ लगता नहींअब भी तेरे इंतज़ार में बैठे हैं परस्तिश तुम्हारी नूरी निगाहों कीमोहब्बत थी मुरव्वत नहींचुप…

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  • तू सो जा गुडिया

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    हर उस बेटी के लिये जो अपने सपनों को जीने के लिये अपनी माँ और अपने घर से दूर है। छोटी सी गुड़िया प्यारी सी गुडिया बंद कर के मुट्ठी…

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  • संघर्ष

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    इलाहाबाद के छोटे कमरों में बड़े सपनों के साथ रहने वाले कई छात्रों के दुरूह जीवन को अभिव्यक्त करने  का प्रयत्न इन पंक्तियों  द्वारा करने का प्रयास किया है। आलोचना एवं…

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  • बहुत दिनों से

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    बहुत दिनों सेमैंने देखा नहीं तुमकोऔर ना हीसुनी तुम्हारी आवाज़पर,एक छाया धुंधली सीहै रेखांकित कहीं मन मेंजिसमें दिख तो नहीं रहीपर खुल के खिलखिला रही हो तुम। नहीं है उस…

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  • पहली ईंट

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     सतत प्रयासों के फलित ना होने की कुंठा ही इस कविता के सृजन का कारण हैं। एक छटपटाहट है अपने तत्व को फिर से पाने की जो शायद जीवन की…

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  • महल की खिड़की

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    विकास एवं प्रगति सदैव प्रसन्नता का स्त्रोत हों,यह आवश्यक नहीं है। इस कविता में सोने की खिड़की पर बैठी चिड़िया के माध्यम से भौतिक रूप से सम्पूर्ण मनुष्य की आत्मिक अभिलाषा…

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  • दोहे प्रेम के

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    मैं प्रेम के लिये किसी भी एक दिवस निर्धारण वाले विचार से सहमत नहीं हूँ। लेकिन बाज़ार की रवायत का कुछ असर मुझ पर भी पड़ना लाजिमी है। और इसी क्रम…

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  • "ऋचांकित" तुम्हारा प्यार!

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    अपने प्रिय मित्र अंकित के विवाह के अवसर पर ये कविता लिखी है।  प्रेम जैसे पूर्ण भाव को शब्दों में तो व्यक्त नहीं किया जा सकता, किन्तु अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति का…

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  • दूसरी है

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    फूल वही है,पर मेरी नज़र दूसरी है। ओस वही है,पर मेरी छुअन दूसरी है। शब्द वही हैं,पर मेरी सोच दूसरी है। लक्ष्य वही है,पर मेरी लगन दूसरी है। पूजा वही…

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