Prosopoetry

  • दबे हुये बीज

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    हर एक मनुष्य किसान हैवो बोता है कई बीजइनकी आशा में-लहलहाती फ़सल,फल लदे पेड़,सुंदर फूलों के गुच्छे,और कुछ नहीं तोसुकून देने वाला हरापन। आशा असीमित नशा हैक्षितिज पर पहुँच कर…

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  • हरा स्वेटर

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    एक उदास सी शाम में देखी तुम्हारी बेफ़िक्र हँसती तस्वीर जैसे किसी ने सर्द पैरों पर डाल दी रजाई, आँखों की आधी दूरी तक फैला काजल कुछ इधर कुछ उधर…

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  • यादों के गद्दे

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    पिछली बारिश मेंइन पहाड़ों परउग आये हैं घासों के गद्दे,जैसे डायरी मेंउग आती है तुम्हारी यादें,एक समय था-तुम्हारी हँसी में आराम थाठंडे हाथों को जैसे डाल लिया हो जेब में;जिसे…

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  • अंतिम कविता

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    तुम्हारी निर्ममता से क्षत-विक्षतरो-रो कर सूख गया मेरा क्लान्त हृदयनींव है असफलता और दुःख कीतुम्हारे सामीप्य को किये गयेमेरे समस्त प्रयास काश! तुमने मुझसे झूठ न बोला होता। भौतिकता की…

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  • ब्लॉक्ड

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    आँखों में तुम्हारा चित्रउंगली पर तुम्हारा स्पर्शमन में तुम्हारे विचारहृदय में प्रेमसब जैसा था जम गयामैं फॉर्मली ब्लॉक कर दिया गया। मुझे बोलनी कड़वी बातेंजो मेरे मन से नहींमेरे मुँह…

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  • ब्यूटी स्लीप

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    ब्यूटी स्लीप- पहली बार यह शब्द तुम से सुना थामन में आया था बस यह विचारजो सहज ही सुंदर हैउसे क्या आवश्यकता आडम्बर कीशायद इसीलिये नहीं अच्छा लगा कभीमुझे तुम…

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  • आत्मप्रवंचना

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    पिछले साल कहा था तुमनेतुम मुझसे मिलने आओगीउस नगर जो मेरा नहीं थावहाँ से चलना था हमकोजहाँ दोनों नहीं गये थे कभीतुम बिना बताये चुप हो गयेमैं कर रहा प्रतीक्षा…

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  • एकपक्षीय निर्णय

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    किसी पेड़ के तने की तरहतुम मेरे जीवन की स्थायी आशा नहीं थेतुम फूल थेतुम्हें मुरझाना ही था,जिसे तुमने प्रेम समझावो अभिव्यक्ति थी आत्म-ग्लानि कीमेरे पूर्ण जीवन में तुम्हारा सिसकता…

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  • कान्हा नैश्नल पार्क

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    मुझे याद है कान्हा नैश्नल पार्क की वो सुबहजहाँ पहुँची थी मैं एक झुंड के साथसुना था वहाँ रहते हैं बाघ और सियारहम सब में रहता है बाघ और सियार,मेरे…

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  • पिछले दिसम्बर

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    पिछले दिसम्बर इसी ठंड मेंमैंने तुमको भीड़ में देखा था,मुझे पता था कि उन सैकड़ों लोगों मेंतुम सिर्फ़ मुझे देख रहे होसभी सजावट तुम्हारे प्रेम का विस्तार थीजो कि सिर्फ…

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