ब्लॉक्ड

– अशान्त ·

– Ashant ·

· in

आँखों में तुम्हारा चित्र
उंगली पर तुम्हारा स्पर्श
मन में तुम्हारे विचार
हृदय में प्रेम
सब जैसा था जम गया
मैं फॉर्मली ब्लॉक कर दिया गया।

मुझे बोलनी कड़वी बातें
जो मेरे मन से नहीं
मेरे मुँह से निकली थी
किसी संबंध की समाप्ति
माँगती है कारण
मैंने किया निश्छल प्रयास
देने को कारण
नदी ऐसे ही तो राह नहीं बदलती
ज़मीन ऐसे ही तो नहीं सूखती
मेरे सभी बहाव रोक दिये गये
मैं फॉर्मली ब्लॉक कर दिया गया।

मैं नहीं हूँ तुम्हारी तरह सशक्त तटस्थ
गिर गया मैं
तुम्हारी तरफ झुकते-झुकते
पर तुमने कभी कोरा सहारा भी न दिया
बदलते रहे सब परिदृश्य तुम खुद ही
अंत में मुझे ही नीचा कह दिया
सब विकल्प ख़त्म होते ही
मुझे मारना पड़ा खुद को
कहना पड़ा बहुत कुछ
जो मैं नहीं चाहता था कहना
मैं नहीं कर पाता ब्लॉक-
तुमको
तुमसी जुड़ी स्मृतियाँ
तुम्हारे प्रति प्रेम को!

हाँ, सही किया-
तुमने मुझे फॉर्मली ब्लॉक कर दिया।

पर नहीं होगा पोषित कोई नया प्रेम
प्रेम की परिभाषा आधिपत्य नहीं
प्रेम आकर्षण भी नहीं
प्रेम किसी अंगूठी में समा नहीं सकता
प्रेम नहीं स्त्रोत महानता का,
तुम्हारे प्रति मेरा प्रेम
बस मेरा होना है
तुम अपने बहानों में छिपी बैठी हो
मेरे लिये नहीं कभी आओगी, पर
मैंने तुम्हें जैसे समझा था
वैसे स्वयं में ब्लॉक कर लिया है,
एक दिन तुम मेरे साथ
इस सृष्टि में मिल जाओगी।

तुम्हें बस पता नहीं चलेगा
क्योंकि, तुमने
मुझे फॉर्मली ब्लॉक कर दिया है।

– अशान्त

– अशान्त

– Ashant

अशान्त की चिट्ठी

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