Life
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आँख मिचौली
· कविताएँये कैसी आँख-मिचौली हैतुम जिसमें हमेशा छुप जाते होमैं तुम्हें कभी ढूँढ़ नहीं पाता हूँ। किन शब्दों की बात कहूँजो दिल में रहे या पहुँचे तुम तकमेरा लिखा अब तुम…
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मैं तुमसे मिलना चाहता हूँ
· कविताएँमैं तुमसे मिलना चाहता हूँनहीं चुप चांदनी रात में,मैं तुमसे मिलना चाहता हूँबड़े शहर की बोलती रात में,मैं तुम्हें देखना चाहता हूँसड़क की दूधिया ट्यूबलाइट में; क्योंकिचाँदनी कवियों ने पुरानी…
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दो अधूरे लोग
· कविताएँमैं सब कुछ लिख दूँगीतुम सब कुछ पढ़ लोगे,मैं सब कुछ कह दूँगीतुम सब कुछ सुन लोगे,दो अधूरे लोगों में फिरबचा क्या रह जायेगा? क्यों कहते नहीं तुम कुछलिखते क्यों…
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जब तुम मिल जाती हो
· कविताएँतुम नसीम सी हो मन महक जाता है जब तुम मिल जाती हो। तुम दुआ सी हो बला टल जाती है जब तुम मिल जाती हो। तुम धागे सी होभावों…