दो अधूरे लोग

– अशान्त ·

– Ashant ·

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मैं सब कुछ लिख दूँगी
तुम सब कुछ पढ़ लोगे,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

क्यों कहते नहीं तुम कुछ
लिखते क्यों नहीं अपना मन,
आँखों के गहरे सागर से
कब उमड़ेंगे भाव सघन,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

जो दब जाता कुछ हारों से
ये कैसा मोह तुम्हारा है,
ये प्रेम की नकली बातें छोड़ो
बोलो दिल जो कहता तुम्हारा है,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

मुझे नहीं चाहिये जन्मों के बंधन
करो वर्तमान में मेरा आलिंगन,
नहीं देवी मैं मिश्रित भावों की थाती हूँ
मनुज स्पर्श से करो तुम उनका स्पंदन,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

तुम कल जब मिलने आये थे
रातें उड़ती उड़ती सी बातें हैं,
तर्क प्रेम भावों में होता नहीं
ये सब बेकार की बातें हैं,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

जब सब इस जग में है नश्वर
क्यों करने अपने भाव अमर,
मुझ में ही रहें पलें पनपें
तुम समझो स्वयं मिले अवसर,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

मैं तुम जैसी तुम मुझ जैसे
क्यों किसी योग से हो जायें,
नित नये समर्पण कर कर के
क्यों न हम निज जीवन पायें,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

हैं शरीर की कथित बाधायें
मुझे नहीं लगती वो सब मलिन,
तुम सहज साथ दो दो पल का
खिल जायेंगे पंकिल पुष्प नलिन,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

तुम मित्र मेरे थे मिले मुझे
था सरल रूप से सब अर्पण,
मैं लौट कर जब घर आऊँगी
क्या कर पाऊँगी निजता तर्पण,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

जब मैं का तेज ना हो अस्त
न स्वाभिमान हो कभी निरस्त,
जीवन की कर्कश क्षणिकाओं में
प्रेमी मेरे रहो सदा हृदयस्थ,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

मैं सब कुछ लिख दूँगी
तुम सब कुछ पढ़ लोगे,
मैं सब कुछ कह दूँगी
तुम सब कुछ सुन लोगे,
दो अधूरे लोगों में फिर
बचा क्या रह जायेगा?

– अशान्त

– अशान्त

– Ashant

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