Life
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आठ गुना आठ
· कविताएँआठ गुना आठ का कमरा, कोने में रखी मेज़ जिस पर फैली है सालों की मेहनत जिसका न तो कोई रंग है न कोई आकार और न ही कोई अस्तित्व;…
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प्रशस्त-प्रेम
· कविताएँप्रिय मित्र ऋचा और अंकित की विवाह की चौथी वर्षगाँठ के अवसर पर एक छोटा सा प्रयास- कुछ यूँ सुंदर है प्यार तुम्हारा जैसे बोगनवेलिया के रंग-बिरंगे फूल कुछ यूँ…
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ये साथ-साथ
· कविताएँये साथ-साथ की कसमें ये साथ-साथ की रस्में ये साथ-साथ की बातें ये साथ-साथ की रातें ये साथ-साथ का रासें ये साथ-साथ की सांसें ये साथ-साथ की आँहें ये साथ-साथ…
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हमको ज़रा बता दो
· कविताएँबरस सके जो तुम पर वो बादल कहाँ बता दो कहाँ भेजे तेरी तस्वीरें वो पता कहाँ बता दो वो छुअन तुम्हारे गालों की अटकी है दिल में जहाँ जाकर…