Life
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उत्तरायण का सूरज
· कविताएँउत्तरायण सूरज है आज मीठा तेरा तिल है आज , टीस बहुत है दिल में मेरा चाँद दूर बहुत है आज। शीत हवा की जाती है मन में बेचैनी आती…
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थोड़ी सी नींद
· कविताएँये बचपन नहीं जब आँख का बंद होना होता था नींद का आना, अब तो आँखें बंद होते ही मन चलने लगता है आज से पीछे आज से आगे; इसी…
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कुछ तो होगा यहाँ
· कविताएँतुम्हारे लिये कुछ तो होगा यहाँ; ताज़े नहीं सही बिखरे फूलों की ख़ुशबू तो होगी तुम्हारे लिये, प्यार नहीं सही किसी की दुत्कार तो होगी तुम्हारे लिये, मंच नहीं सही…
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सुबह नये साल की
· कविताएँकशमकश भरी है सुबह इस नये साल की ज़िन्दा है सब यादें हर बीते हुये साल की इत्तेफ़ाक़न कोई सिक्का मिल जाये सड़क पर होती नहीं ताईद वो हयात-ए-मालामाल की…