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हिन्दी में कविताएँ, कहानियाँ और लेख। Poems, stories and essays in Hindi.

  • प्रेम सुन्दर था

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    प्रेम सुन्दर था  बंधा मन की सीमाओं में,  धृष्टता कर लाँघा उसको  पहुंचा शरीर के पास  जहां देकर क्षणिक सुख  उसको नोचा खसोटा गया, फिर फेंक दिया बहुत दूर  मिटा दिए…

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  • इस मुरव्वत की वजह ही नहीं

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    सिमट आये सब दर्द इस दिल में,इतनी इसमें जगह भी नहींज़फ़ा कर के आप छुप जाएँ,ऐसी कोई वजह भी नहींयकीन किया था हमनें खुद ही,आपका कभी कोई इशारा ना थाआंसूं बहायें आप…

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  • दिमाग़-ओ-दिल

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    अच्छा हूँ या बुरा पता ही नहीं, ना जाने क्या है गलत क्या है सही, ढूँढा बगल अपने कौन कौन है, दिमाग ना था और दिल भी नहीं, मुड़ के…

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  • हमारी बिटिया तो चली गयी

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    ‘बिटिया’ शब्द का प्रयोग इसलिए किया है क्योंकि जो दिल्ली में आहत हुई है वो एक “बिटिया” थी ना की कोई ‘बेटी’ या ‘daughter’। एक साधारण बिटिया जो कि  अपने…

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  • फिर भी माँ मुझसे बात करती है

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    मैं कितना बुरा हूँफिर भी माँ मुझसे बात करती है, जिनके कारण लड़ा था मैं तुमसेअपना असली रंग दिखा गएपर तुम आज भी रंगी हुई होममता के अमिट रंग में,आज…

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  • कौन हो तुम?कहाँ हो तुम?

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    कल रात ही तो सपने मेंकॉफ़ी पी थी तुमने मेरे साथपर मेरी इस ज़िन्दगी में,इस सुबह मेंकौन हो तुम?कहाँ हो तुम? मेरे उस पुराने से कप पररखे थे तुमने अपने…

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  • और मैं नहीं हूँ

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    वो दीवार तुम्हारे घर कीआज भी उसी रंग की हैवो सब जो जैसा थाआज भी वैसा ही हैकोई फर्क न पड़ा हैज़िन्दगी में सिवा इसकेतुम बदले हुए होऔर मैं नहीं…

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  • जन्नत में मुलाक़ात

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    मेरे ख़त्म होने से अगर तुम्हारी शुरुआत होती है,तो मुझे मौत से भी गिले-शिकवात नहीं है ,कई लफ्ज़ जो अनकहे रह गये,सहेज कर रखूँगा मैं,सुनते हैं जन्नत में कोई टोंक-टांक नहीं…

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  • ख़ुदा उनकी खैर करे

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    जो खुश हैं बर्बाद कर घर मेरा  ख़ुदा उनकी खैर करे  जुल्म किया है जिसने मेरी रूह पर  ख़ुदा उनकी खैर करे  ना कर पाये वो मोहब्बत और ना दोस्ती…

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  • वो चाँद

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    वो जो चाँद बिखरा है मेरे बिस्तर पर  क्या वही है जो चमकता है  रात भर आकाश में  या अमावस को ले छुट्टी छोटी सी  आया है मिलने मुझसे मेरे…

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