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हिन्दी में कविताएँ, कहानियाँ और लेख। Poems, stories and essays in Hindi.

  • आख़िर आप चाहते क्या हैं?

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    बहुत अहंकारी हैं आप! आपके सोचने से आपका प्रेम सबसे सच्चा नहीं हो जाता दुःखी होने पर सिर्फ़ आपके ही आँसू नहीं बहते, प्रेम बस शब्दों और भावनाओं से नहीं…

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  • प्रेम-सूर्य

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    मेरे कमरे में धुंध भर गयी है प्रेम-सूर्य कहाँ हो तुम? अब और न छिपो मुझसे मुझे कुछ दिखाई नहीं देता, मैं कब तक चलूँगा अंदाज़े से इन पथरीली राहों…

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  • मेरे राम

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    अतल अथाह कष्ट जीवन के होते स्वयं से नित नूतन संग्राम, खोलो द्वार अब तो आशा के कुछ कष्ट हरो अब मेरे राम। प्रेम के सब सूखे हैं झरने सूखा…

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  • चलो सब अदालतें बंद कर देते हैं!

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    अलसाती दिसंबरी ठंडी में जब कोहरा धूं-धूं उड़ता है रातें लम्बी होती हैं सूरज जब देर से चलता है उन्हीं सुबहों में जब मखमली कंबलों में पैर हमारे सिकुड़ते हैं…

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  • तस्वीरें

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    तस्वीरें स्क्रीन पर नहीं काग़ज़ पर अच्छी लगती हैं, उभर आते हैं जज़्बात काग़ज़ की ख़ुशबू के साथ, जी सा जाता है वो पल जब कोई मुस्कुराया था और पहुँच…

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  • पैरहन

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    मेरी किताब के पहले पन्ने पर लिखे लफ़्ज़मेरे नहीं तुम्हारे हैंआज कल कलम की नोंकमुड़ जाती है उधरजिधर तुम्हारी आँखें मुड़ जाती हैं;कई बरसों से मुझे नींद नहीं आयी हैजो…

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  • तुम जैसा जहान में नहीं

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    कभी कोई शक़ हो ख़ुद पर ले लेना मेरी नज़र तुम उधार, यक़ीन हो शायद तुम्हें उस पल तुम जैसा हुस्न जहान में नहीं। कभी कोई गिला हो ख़ुद पर…

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  • मेरा चाँद

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    मेरा चाँद आसमान में नहीं मेरे दिल में निकलता है, मेरा चाँद सुबह शाम से परे हर पल मेरे दिल में पिघलता है, मेरा चाँद जब आता है आँखों में…

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  • डूबता सूरज

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    ऐ डूबते सूरज! क्या निगल सकते हो तुम? मुझे और मेरे संतापों को उस प्रकाश की तरह जो तुम्हारे डूबते ही चला जायेगा पृथ्वी से, जीवन से भी। ऐ डूबते…

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  • प्रेम समर्पण

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    ये प्रेम समर्पण मेरा तुम नैना स्वीकार करो सब सीमायें तोड़ कर निर्बन्ध मुझे तुम प्यार करो जो सुंदरता का मान तुम्हारा मुझको रखना होगा नित नयन से नयनों के…

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