कविताएँ

कविताएँ और ग़ज़लें। Poems and ghazals in Hindi.

  • मेरी भी नज़र में

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    मोबाईल की स्क्रीन पर देखते देखतेकुछ यूँ हँसी तुम्हारी आँखेंएक मुस्कुराहट दौड़ सी गयीमेरी भी नज़र में वो सपनों के नगर मेंएक छोटे से कोने मेंयूँ बेफ़िक्र लेटे थे तुमदुनिया…

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  • मैं स्वतन्त्र हूँ

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    जिस दिन,  बिना झूठ बोले बिना बात बनाये  बिना भेष बदले  बिना कुछ गलत कहे बिना कोई और बने  मैं सच बोल सकूँगा  मैं मानूँगा  कि, मैं स्वतन्त्र हूँ।   …

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  • पहली धुंध

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    कुछ धुंधला था मेरा सपनाधुंधली थी मेरी सुबहअगर कुछ भी नहींतो, आँखें ज़रूर धुंधली थीं। सुबह सुबह तुम बैठी थीमेरी मेज़ परजैसे कोई अधखुली किताबबुकमार्क से लग रहे थेतुम्हारे चेहरे…

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  • प्रदूषण

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    पार्टिकुलेट मैटर 2.5बढ़ गये हैंहवा की तरहमेरे जीवन में भी;शिथिल हो रहे हैं मेरे स्वप्नमेरे फेफड़ों जैसेकाश! रोक पाताइन्हें कोई मास्क। भावुक मनुष्य नहीं रोक पाताअपनी क़िस्मतयादों और आदत को;ये…

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  • रावण

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    सोचता हूँ कि रावण बन जाऊं  क्योंकि, आज कल  सरल तरीके से  राम के मिलने की  संभावना कम है।  कुछ बुरा नहीं है  रावण बनना भी, वो ज्ञानी था  वो सफल…

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  • दर्द ना समझे जाने का

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    क्या कभी सोचा है  क्यों मुरझा जाता है  कोई ग़ुलाब  जैसे कभी खिला न हो  सुनो कभी सूखी गिरी पंखुड़ियों को  कहती हैं  उन्हें बदलते मौसम ने  कभी समझा नहीं। …

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  • प्रेम की मौत

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    जो कल चले गये साथ जीने कोदूसरी दुनिया मेंइस दुनिया की नज़र मेंकायर हैं,वाह रे दुनिया!बदल जाते हैं तुम्हारे नियमसावन के बादल की तरहजो गरजते तो हैं, परसब पर बराबर…

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  • कोई मेरी याद मिटा दो

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    मैं देख न पाऊँ खुद को भी सब मेरे निशान मिटा दोअब दर्द मेरा भी कुछ कम हो कोई मेरी याद मिटा दो ये चेहरे पे मेरी जो झूठी मुस्कानों का…

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  • मैं वहां पहुँच न जाऊँ!

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    बात कुछ भी करने की होतीतो कब का कर लिया होताकुछ न कुछ;बात थी अपना सपना पूरा करने कीजिसे नापा था मैंनेउस दोपहर लन्च ब्रेक मेंअपने क़दमों सेउस बंगले के…

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  • तो अच्छा रहता

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    ज़िन्दगी तो यूँ भी गुज़र ही जातीहम थोड़ा मुस्कुरा पाते तो अच्छा रहता वफ़ा ज़फ़ा वस्ल हिज़्र तो होते ही रहतेहम तुम्हारे हो पाते तो अच्छा रहता जीते तुम मेरी…

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