All writing

Everything, newest first. Prefer one language? Choose below.

  • कौन हूँ मैं?

    ·

    पन्नों पे बिखरी स्याही देख के एक दिनख़्याल कहीं से कुछ आया ऐसाक्या ये लिखावट मेरी ही है?क्या मैंने ही लिखी थी ये कहानी?फिर कुछ डर ऐसा आया दिल मेंजो…

    Read →

  • मन

    ·

    बाहर का सब सचबन्द आँखों से अंदर ही दिखाई देता हैसब लिख जाता है सरकारी रजिस्टर परअधकचरी भाषा में-न कोई विन्यासन कोई व्याकरण;आज कोशिश की उसी को पढ़ने कीकोई पक्षपात…

    Read →

  • सारा प्यार हमारा

    ·

    सारा प्यार हमारा है आज तुम्हारे आँगन मेंहर एक चाँद हमारा है आज तुम्हारे आँगन में बोल रही हैं चुप होठों सेआँखें तुम्हारी भोलीतन्हा चलती जो साँसेंवो संग तुम्हारे हो…

    Read →

  • पूर्ण विराम

    ·

    बहुत पहले लिखते समय पहला वाक्यमाँ ने सिखाया था पूर्ण विरामजिसको लगाने के बाद हीशुरू होता था नया वाक्य;निरन्तर चलते हुये जीवन मेंकुछ अर्ध-विरामों के अलावासब बस चलता ही रहा,…

    Read →

  • आँख मिचौली

    ·

    ये कैसी आँख-मिचौली हैतुम जिसमें हमेशा छुप जाते होमैं तुम्हें कभी ढूँढ़ नहीं पाता हूँ। किन शब्दों की बात कहूँजो दिल में रहे या पहुँचे तुम तकमेरा लिखा अब तुम…

    Read →

  • उत्कंठा

    ·

    वो अंतरतम का दीपक स्थलकब ज्योतिमान होगा तुम से?कब हटेंगे तम के आवरणकब जीव मिल सकेगा तुम से? सरस जीव की नीरस धृति परप्रेम-सुधा विष जैसे आहत करताकराहता अंतर्मन आत्म-क्षुधा…

    Read →

  • I miss being you

    ·

    The wind keeps blowingEnraging the embers within us, yet My mind turns numb when I feel The cold skin of your heart No grudge no emotions fudge, All that hurts…

    Read →

  • मैं तुमसे मिलना चाहता हूँ

    ·

    मैं तुमसे मिलना चाहता हूँनहीं चुप चांदनी रात में,मैं तुमसे मिलना चाहता हूँबड़े शहर की बोलती रात में,मैं तुम्हें देखना चाहता हूँसड़क की दूधिया ट्यूबलाइट में; क्योंकिचाँदनी कवियों ने पुरानी…

    Read →

  • अकेलापन

    ·

    एक खाली मेजतीन खाली कुर्सियाँएक अकेला अकेलापन-दो कुर्सियाँ ही खाली थींपिछली बार कहा था तुमने नहीं होगाकभी कोई अकेला,पर देखो न ऐसा क्यों हैपिछली बारजिसने उलझाये थे तुम्हारे बालआज उसने…

    Read →

  • छुटपन

    ·

    छुटपन में सुंदर लगने वाली हर चीज़खो देती है पढ़-लिख करअपनी सुंदरता और अपने आप को। छत की सुलाईचोट की रुलाईनानी की बातटूटा हुआ दाँतबेफ़िक्री का हाथबिन बिजली की रातबचपन…

    Read →