सारा प्यार हमारा

– अशान्त ·

– Ashant ·

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सारा प्यार हमारा
है आज तुम्हारे आँगन में
हर एक चाँद हमारा
है आज तुम्हारे आँगन में

बोल रही हैं चुप होठों से
आँखें तुम्हारी भोली
तन्हा चलती जो साँसें
वो संग तुम्हारे हो लीं
सारा प्यार हमारा……

साथ नहीं तो ग़म क्या
है दिल में तुम्हारे एक घर
काश कहीं रूक जाता
ये प्यार का सुंदर सागर
सारा प्यार हमारा…..

हँसते हो क्या अब भी
पूछ रहीं मेरी गलियाँ
काँटों के दामन में
खिलती नहीं क्या कलियाँ
सारा प्यार हमारा है…..

छू लेते थे हम तुमको
जैसे हवा को पत्तियाँ
क्यों मुस्काती थी तुम
छेड़े तुम्हें जब सखियाँ
सारा प्यार तुम्हारा…..

दिखते नहीं जब से तुम
मेरी बातें है अकेली रहतीं
तुम यूँ अगर न जाते
बातें नयी कुछ रहतीं
सारा प्यार तुम्हारा…..

बस बैठी पियरी सी
तस्वीर तुम्हारी नैना
अब हम क्या ही पूछें
हम को नहीं कुछ कहना
सारा प्यार हमारा…..

जो कुछ है अब मन में
है वो सब कुछ अपना
कुछ पग की दूरी से
क्या मिट जायेगा सपना
सारा प्यार हमारा…..

कोई बाँटेगा क्या तुमको
तुम्हें मान चुके हम अपना
नहीं पीले हाथों की रेखा
तुम निर्मल प्रेम की रचना
सारा प्यार हमारा…..

कोई शब्द नहीं बोलेगा
जो बोला था मैंने सावन में
वो फूल नहीं सूखेगा खिल बैठा
जो मन निर्मल पावन में
सारा प्यार हमारा…..

इस दुनिया की धुन में
जब हम यूँ ही खो जायेंगे
जल तरंग मेरी बातों के
नित गीत तुम्हें सुनायेंगे
सारा प्यार हमारा…..

और फिर एक दिन जब ये दिल
थक कर तन्हा सो जायेगा
है इसको कहाँ का भरोसा
ये साथ तुम्हारा पायेगा
सारा प्यार हमारा….

मैंने सारा प्यार हमारा
लिख डाला तुम्हारे काँगन में
हर एक चाँद हमारा
है आज तुम्हारे आँगन में

सारा प्यार हमारा
है आज तुम्हारे आँगन में…..

– अशान्त

– अशान्त

– Ashant

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