गीत
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प्रेम निवेदन
· कविताएँएक निवेदन तुमसे हैकरना तुम स्वीकार प्रिये,प्रेम रत्न से सदैव तुमकरना अपना श्रृंगार प्रिये। यह जीवन का सूर्य प्रखरशीतल हो तुम छाँव प्रिये,मैं पृथ्वी सा घूमूँ नित्यधुरी तुम मेरा तुम…
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सारा प्यार हमारा
· कविताएँसारा प्यार हमारा है आज तुम्हारे आँगन मेंहर एक चाँद हमारा है आज तुम्हारे आँगन में बोल रही हैं चुप होठों सेआँखें तुम्हारी भोलीतन्हा चलती जो साँसेंवो संग तुम्हारे हो…