All writing
Everything, newest first. Prefer one language? Choose below.
-
गर्म चट्टान
· कविताएँयूँ तप रहा है मेरा बिस्तर जैसे रेगिस्तान में तपती हुयी एक गर्म चट्टान, इस निर्जन जीवन में नहीं कोई और सम्बल। मेरे पीठ के फफोले अब फूटते भी…
-
नयी पत्तियाँ
· कविताएँमेरी मेज पर रखे शीशे के गमले मेंजो कि आधा भरा है पानी सेखड़ा है एक छोटा सा पौधाघिरा कुछ रंगीन गोलियों सेमेरी बेरंग सी ज़िन्दगी मेंबस ये ही रंग…
-
पुराने नोट्स
· कविताएँसफल लोगों का कहना हैपीछे मत देखोआज में जियोआज में ही तुम्हारा कल है;पर, प्रेमी जीव क्या करेप्रेम बंध नहीं पाता सीमाओं मेंभूत,वर्तमान और भविष्य की,न ही समझ पाता है…