Relationships
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पिछले दिसम्बर
· कविताएँपिछले दिसम्बर इसी ठंड मेंमैंने तुमको भीड़ में देखा था,मुझे पता था कि उन सैकड़ों लोगों मेंतुम सिर्फ़ मुझे देख रहे होसभी सजावट तुम्हारे प्रेम का विस्तार थीजो कि सिर्फ…
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अंतिम शब्द
· कविताएँकुछ शब्दकुछ किताबेंकुछ बातेंकुछ आवाज़ेंकुछ शिकायतेंकुछ नख़रेकुछ इशारे कुछ सहारेकुछ किनारेकुछ मुस्कानेंकुछ आँसूकुछ तुम कुछ हम-सब पीछे छूट गये हैंइस जन्म में इनका अर्थ नहीं निकलेगामुझे मिलेगा मोक्षतुम बिन जीने…
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एक प्रेमी की असमय मृत्यु
· कविताएँकुछ दिन ही बीते हैं, परतुम्हारे सारे गीततुम्हारे सब वचन तुम्हारी सारी भावनायेंतुम्हारा सारा प्रेम सब मर चुका है,जो मेरा होने का आभास था अब तकसत्य आवरण में हो चुका…
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एक बार हँस दो ना
· कविताएँबहुत दिनों से दिल में उजाला नहीं हुआतुम आ कर भी कभी नहीं आयीबहुत दिन हुये तुम्हें सुना नहींकुछ और नहीं तो बस नाम ले लो मेराभींच लो गोरे हाथों…
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प्रकाश की खोज
· कविताएँबुझ गयी है दीये की बातीडूब कर अपने ही घी के सागर मेंयह नहीं आवश्यकघी हर बाती को जला ही देगा,तुम्हारा होना ही मेरा होना थाऐसा सोचा था मैंनेपर जलने…