Relationships

  • पिछले दिसम्बर

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    पिछले दिसम्बर इसी ठंड मेंमैंने तुमको भीड़ में देखा था,मुझे पता था कि उन सैकड़ों लोगों मेंतुम सिर्फ़ मुझे देख रहे होसभी सजावट तुम्हारे प्रेम का विस्तार थीजो कि सिर्फ…

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  • अंतिम शब्द

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    कुछ शब्दकुछ किताबेंकुछ बातेंकुछ आवाज़ेंकुछ शिकायतेंकुछ नख़रेकुछ इशारे कुछ सहारेकुछ किनारेकुछ मुस्कानेंकुछ आँसूकुछ तुम कुछ हम-सब पीछे छूट गये हैंइस जन्म में इनका अर्थ नहीं निकलेगामुझे मिलेगा मोक्षतुम बिन जीने…

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  • किताबें

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    कुछ किताबें पढ़ करकिसी को कुछ किताबें दी थींउनके कुछ ही पन्ने पलटे गये हैंमैंने कुछ और अर्थ निकाले उसने कुछ और;जीवन में सब परस्पर नहीं होता। वो किताबें अलमारी…

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  • कुल्हाड़ी

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    किसी ने पेड़ गिराने कोउसके तने पर कुल्हाड़ी मारीअनगिनत बारिशोंअनगिनत आँधियोंअनगिनत दोपहरोंको झेल चुका था जोसहज ग्रहण कर लिया उसने वह प्रहार;विडंबना ये हैकुल्हाड़ी चिपक गयी हैबिछड़ी प्रेमिका सीदिख रही…

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  • एक प्रेमी की असमय मृत्यु

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    कुछ दिन ही बीते हैं, परतुम्हारे सारे गीततुम्हारे सब वचन तुम्हारी सारी भावनायेंतुम्हारा सारा प्रेम सब मर चुका है,जो मेरा होने का आभास था अब तकसत्य आवरण में हो चुका…

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  • एक बार हँस दो ना

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    बहुत दिनों से दिल में उजाला नहीं हुआतुम आ कर भी कभी नहीं आयीबहुत दिन हुये तुम्हें सुना नहींकुछ और नहीं तो बस नाम ले लो मेराभींच लो गोरे हाथों…

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  • प्रकाश की खोज

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    बुझ गयी है दीये की बातीडूब कर अपने ही घी के सागर मेंयह नहीं आवश्यकघी हर बाती को जला ही देगा,तुम्हारा होना ही मेरा होना थाऐसा सोचा था मैंनेपर जलने…

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  • राबता

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    तुम नहीं हो फ़ेहरिस्त में मेरे यारों कीयूँ ही नहीं मेरी पलकें आज भीगी हैं,कोई तो राबता रहा होगा तुमसेयूँ ही नहीं ज़मीं चाँद की भीगी है। कुछ कह ही…

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  • कमी

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    कोई तो कमी रही होगी मुझ मेंनहीं यूँ ही नहीं तू चला गया होता यूँ तो सबके साथ तुम खड़े रहेकाश मेरे साथ कभी तू खड़ा होता ज़माने की रिवायत…

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  • चैन

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    मेरे जज़्बों की जुम्बिश तुम्हारी धड़कन से हैजो तुम्हें चैन हो तो हमें भी कुछ चैन मिले मेरे अक्स की तामील तेरी हर तस्वीर से हैजो तुम दिखो तो हमें…

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