Philosophy

  • राबता

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    तुम नहीं हो फ़ेहरिस्त में मेरे यारों कीयूँ ही नहीं मेरी पलकें आज भीगी हैं,कोई तो राबता रहा होगा तुमसेयूँ ही नहीं ज़मीं चाँद की भीगी है। कुछ कह ही…

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  • Guilt in Love

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    When the guilt wrenched heart seeks freedom from painIt knows all entreaties of love shall go in vainA good end is a misnomer & universal lieSpoken are words that were…

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  • मेरी विजयदशमी

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    हर रावण दशानन नहीं होताहर बाली शत्रु-शक्तिहन्ता नहीं होतामेरे राम, तुम तो दयानिधान होआज वध कर दो उस पाप काजो खा रहा है धीरे-धीरेमेरा प्रेममेरी आत्मामेरे जीवन को। हे राम!…

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  • प्रतिध्वनि

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    निज-जीवन की निराश्रय डोरमुझे आज कहाँ ले आयी हैमैं याचक था सरस प्रेम काये नीरसता आततायी है मन अधीर मुख गम्भीरये अंतरतम की परछाईं हैएक सुखद क्षण की अदम्य खोजये…

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  • बूढ़ी गायें

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    बूढ़ी गायेंसब तरह से थक कर सड़कों पर डिवाइडर सी खड़ी हो जाती हैं। परसों मेरी एक से आँखें मिलीये पूछा उसने-क्या तुम्हें भी किसी ने छोड़ दिया? कोई उत्तर…

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  • झूठी आशा

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    झूठी आशा पाल ली थी मैंनेतुम में ढूँढ़ने लगी थी मैं अपना आधारये सोचती थी-मैं हँसूँ तो तुम भी हंसोमैं रोऊँ तो तुम भी रोओ;मेरे बिना खुश या दुःखीकैसे हो…

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  • व्यग्र

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    क्षत-विक्षत हृदय के संग मन के हुये सब भाव अपंगव्याकुलता से त्रस्त हर अंगअवसाद रूपी लिपटा भुजंग,कितने पूछोगे प्रश्न अविरामअब कितनी परीक्षा लोगे राम? नहीं द्वेष किसी से मेरा कोईकभी…

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  • अपनी चीज़

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    दुःख है! हाँ, बहुत दुःख है!पर अपनी ही बनायी हुयीकैसे फेंक दे कोई चीज़अपनी ही बनायी हुयी?इंसान नहीं फेंक पाताअपनी आँख,कान, नाक, चमड़ीऔर हृदय….तो कैसे फेंक देअपना पाला हुआ दुःख,वो…

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  • खाली सुबह

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    आज,न सूरज हैन हवा हैन रोशनी हैन सुख हैन दुःख है न सफलता हैन असफलता हैन साँसें हैंन मृत्यु हैन ही तुम हो;आज सुबह खाली है-जिसमें सब निरन्तर गिरा जा…

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  • निराकार

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    जब प्रेम हमारा निश्छल था  फिर क्यों न वो साकार हुआ, न रूंदन था न क्रंदन था  फिर भी न कुछ आकार हुआ।  निज तप में तप कर हम दो …

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