Life

  • संगम

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    प्रस्तुत लघु-कथा एक कल्पना मात्र है। किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति या किसी वस्तु से किसी भी प्रकार की समानता, मात्र एक संयोग है। लेखक का आशय किसी भी विचारधारा या मनुष्य…

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  • Wrapper of Alpenliebe

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    Adolescence captures the essence of love,as every move made towards it at this age, is genuinely novel in its attribute. Earth outside was smelling of rain that evening.Temperature had dipped…

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  • Changing Dimensions of Friendship

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    Today, out of boredom when I switched on my television and started surfing the channels, I ultimately stopped watching the last 30 minutes of a famous musical drama “DOSTI.” When…

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  • हमारी बिटिया तो चली गयी

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    ‘बिटिया’ शब्द का प्रयोग इसलिए किया है क्योंकि जो दिल्ली में आहत हुई है वो एक “बिटिया” थी ना की कोई ‘बेटी’ या ‘daughter’। एक साधारण बिटिया जो कि  अपने…

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  • कौन हो तुम?कहाँ हो तुम?

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    कल रात ही तो सपने मेंकॉफ़ी पी थी तुमने मेरे साथपर मेरी इस ज़िन्दगी में,इस सुबह मेंकौन हो तुम?कहाँ हो तुम? मेरे उस पुराने से कप पररखे थे तुमने अपने…

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  • वो चाँद

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    वो जो चाँद बिखरा है मेरे बिस्तर पर  क्या वही है जो चमकता है  रात भर आकाश में  या अमावस को ले छुट्टी छोटी सी  आया है मिलने मुझसे मेरे…

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  • सुन्दर फूल

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    फूल सुन्दर होते हैंमैंने भी लगाया था एक पौधाजिसमें फूल खिलते हैंहर एक नया खिलता पत्ताकली की आशा जगाता थामिटटी,खाद,पानी के साथनयन-प्रेम से उसको सींचा थाआशा में उस फूल कीरंग…

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  • मेरा जीवन तो पहले से निर्धारित था

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    मेरा जीवन तो पहले से निर्धारित थामैंने ही छेड़-छाड़ कीबाधित कर अविरल प्रवाहमध्यम वर्गी विचारों काजो थे उद्भवित मेरे मध्यम अस्तित्व सेचेष्टा कीकरने को आलिंगन नवीनसमाहित थे अपरोक्ष जिनमेंकुछ सुविचार…

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  • इत्तेफ़ाकन वो दिन याद आया आज

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    इत्तेफ़ाकन वो दिन याद आया आज जब चाय की चुस्कियां मैं बिन पिये ले लेता था  आज भी पीते  हैं मेरे जानने वाले  पर इस महफ़िल में वो बेतकल्लुफ़ी कहाँ  बेहिचक…

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  • नुमाइश प्यार की अपनी यहाँ मैं कर नहीं सकता

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    नुमाइश प्यार की अपनी यहाँ मैं कर नहीं सकतामैं सुन सकता हूँ तुमको लेकिन पढ़ नहीं सकतावो रुसवा हो के जिसके संग तुम खुश सी रहती होहंसा सकता है,पर आंसूँ  तुम्हारे पी…

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