कविताएँ

कविताएँ और ग़ज़लें। Poems and ghazals in Hindi.

  • पतंग

    ·

    कोरा कागज़ जब हाथ से छूटता है तो हवा में असंख्य करतब दिखाने के पश्चात अंत में धरती से आ मिलता है. एक ऐसा मिलन जिसका पुनर्ज्ञान शायद उसे उसी…

    Read →

  • रिश्ते

    ·

    क्या ज़रूरी है कि हर रिश्ते का इकरार होये ज़रूरी नहीं हर इकरार का इनकार होइतने नाम सुने हमने इस जहान मेंक्या ज़रूरी है हर रिश्ते का कोई नाम हो…

    Read →

  • असल ताकत आदमी के इरादों में होती है

    ·

    ना भीड़ से ना लुभावने लफ्जों सेना तक़रीरों से ना दबे जज्बों सेदौलत की शोहरत की उम्र भी थोडी होती हैअसल ताकत आदमी के इरादों में होती है। बैठना चार…

    Read →

  • तुम तन्हा

    ·

    तुम तन्हा कहाँ छोड़ गए बस इतनी सी बात पर मुंह मोड़ गएकल ही तो किया था तुमने इकरार और आज ही अपना इरादा भूल गए।ग़म है मुझे इसमे कोई…

    Read →

  • इतना आज वक्त नहीं

    ·

    दूसरों के लिए सोचें ज़रा इतना आज वक्त नहीं दिल से रो और हँस सके इतना आज वक्त नहीं दूसरों को दिखाने से फुर्सत कहाँ कुछ सच्चा सोचने का वक्त…

    Read →

  • ढूँढता रहा!!

    ·

    बादलों में सूरज ढूँढता रहारास्तों में मील के पत्थर ढूँढता रहाजिसकी ज़रूरत थी वो पास ही थाऔर मैं उसे कहाँ कहाँ ढूँढता रहा। सामने रह कर भी ना नज़र आयामैं…

    Read →

  • टापर (TOPPER)

    ·

    भारतीय सामाजिक एवं शैक्षणिक पृष्ठभूमि में एक भिन्न भांति की व्यवस्था है जो की साधारण मनुष्यों में से कुछ सौभाग्यशालियों को ऊंचा दर्जा प्रदान करती है। जैसे ही कोई साधारण…

    Read →

  • पत्थरों का मोल

    ·

    इस जहाँ में हमने सुना है इबादत का कुछ ऐसा ही दस्तूर है इंसानों का मोल कुछ नहीं पर पत्थरों का मोल ज़रूर है। इबादत मैंने भी की थी किसी…

    Read →

  • नहीं है!!

    ·

    साकी तू मेरे ज़ख्मों को ना आज भर सकातेरी शराब में आज वो पहला सा नशा नहीं हैज़िन्दगी में मेरी न पहले से कोई फर्क हैआज तेरी ही अदा में…

    Read →

  • ये बारिश

    ·

    ये बारिश मुझे तेरी याद दिलाती हैइसकी ठंडक ना मेरी तन्हाई बुझा पाती हैसोचा था इस मौसम में सुकून मिल जाएगापर हालातों की बिजली बहुत डराती है। तनहा इस मौसम…

    Read →