हिन्दी

हिन्दी में कविताएँ, कहानियाँ और लेख। Poems, stories and essays in Hindi.

  • परिभाषा

    ·

    मुझे इस जीवन तक ले आयीप्रेम को परिभाषित करने की आकांक्षामोक्ष से भी बड़ी हो गयीप्रेम को परिभाषित करने की आकांक्षा;निरर्थक हो गये सदियों के प्रयत्नतुमसे मिलते ही,ज्ञात हुआ तुम्हें…

    Read →

  • गोली

    ·

    गोली से हत्या हो सकती है प्रेम नहीं; प्रेम उत्सर्ग है अहं का प्रेम विलय है तुम में मैं का; प्रेम यात्रा है उस बिंदु की जिसका विस्तार है ये संसार;…

    Read →

  • माँ से शिकायत

    ·

    मेरी माँओं से शिकायत है वो अपने बेटों को खाना बनाना नहीं सिखातीं वो अपने बेटों को कपड़ा सिलना नहीं सिखातीं; रोटी और कपड़ा जीवन के मूलभूत प्रश्न हैं जिनके…

    Read →

  • हरा स्वेटर

    ·

    एक उदास सी शाम में देखी तुम्हारी बेफ़िक्र हँसती तस्वीर जैसे किसी ने सर्द पैरों पर डाल दी रजाई, आँखों की आधी दूरी तक फैला काजल कुछ इधर कुछ उधर…

    Read →

  • यादों के गद्दे

    ·

    पिछली बारिश मेंइन पहाड़ों परउग आये हैं घासों के गद्दे,जैसे डायरी मेंउग आती है तुम्हारी यादें,एक समय था-तुम्हारी हँसी में आराम थाठंडे हाथों को जैसे डाल लिया हो जेब में;जिसे…

    Read →

  • शहर की बाढ़

    ·

    हिमालय की आँखों का पानीशहरों में पहुँच करबन जाता है बाढ़;इस पानी में-नहीं तैरती कोई नाँवनहीं पलती कोई मछली,शहरों में आकर हिमालय का पानीजीवन की तरहखारा हो जाता है। –…

    Read →

  • धनक-पुल

    ·

    क्षितिज के दो छोरों परदो प्रेमी खड़े हैंएक शायद तुम होएक शायद मैं हूँ,इन दो छोरों के बीचधनक ने बनाया है पुल-हम दोनों को पता है न तुम आओगी इस…

    Read →

  • खोया शहर

    ·

    इन्सान बदलें तो चलता हैक्यों बदल जाते हैं शहर? बदला हुआ शहर बदल देता हैउन यादों कोजिन्हें उड़ाया था धुँए में हमनेनाचने को उसी आबो हवा मेंजिसमें मैं पैदा हुआऔर…

    Read →

  • मकर संक्रांति- आरम्भ कुम्भ 2019

    ·

    अब तक अलसाया हुआ इलाहाबाद जैसे प्रयागराज बनते ही किसी नयी ऊर्जा से भर गया है। किसी चपल बालक की भाँति एक कदम में चार कदमों की छलाँग लगाते हुआ…

    Read →

  • अंतिम कविता

    ·

    तुम्हारी निर्ममता से क्षत-विक्षतरो-रो कर सूख गया मेरा क्लान्त हृदयनींव है असफलता और दुःख कीतुम्हारे सामीप्य को किये गयेमेरे समस्त प्रयास काश! तुमने मुझसे झूठ न बोला होता। भौतिकता की…

    Read →