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हिन्दी में कविताएँ, कहानियाँ और लेख। Poems, stories and essays in Hindi.

  • हमें वो प्यार ही आता है

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    इतना जो तुम चाहोगीमैं कितना छुप पाऊँगाआना तो चाहता हूँन जाने कब आऊँगातुम दूर से इतना क्योंयूँ मुझको सताती होकहती हो सब आँखों सेलब से न बताती होबात इतनी सी…

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  • सपने वाला प्रेम

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    उमड़ आयी जो कल सपने मे मेरे  वो तुम ही थी,  या मेरा कोई अधूरा सपना  जो इस संसार में रास्ता न पाकर  नींद के चोर दरवाज़े से  पहुंची मुझ…

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  • किसी और को

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    इश्तिहार-ए-इश्क़ में नाम मेरा ही थाये और है उसने खरीदा किसी और को मैं बस जिस्म था दिल नहीं उसके लियेबेपर्दा मुझे किया उसने पाने किसी और को इतना भी नहीं…

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  • अर्थ बदल जाते हैं

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    अर्थ बदल जाते हैंबदलती हैं भावनायें भीजो पावन था कभीहो जाता है पतित;तुम्हारे एक झूठ औरबनावटी चरित्र ने,एक ज़िंदा पेड़ मेँसुलगता चूना दाल दिया। -प्रशान्त

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  • हो इश्क़ भला तो ऐसा हो

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    जो तड़प के आख़िर टूट ही जायेहो इश्क़ भला क्यों ऐसा होजो अपनी आग ही सह न पायेहो इश्क़ भला क्यों ऐसा होसाथ कदम जो चल न पायेहो इश्क़ भला…

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  • दो औरतें

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    क्या बुरी है वो औरत तुमसे?क्यों उसे सब वेश्या कहते हैं?वीभत्स तो तुम भी उतनी होजितनी कि वो है,पर अंतर है कुछवो वेश्या अपनी मर्ज़ी से नहींतुम चरित्रहीन अपनी मर्ज़ी…

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  • मुझे अम्बेडकर देख रहे हैं

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    मुझे अम्बेडकर देख रहे हैं आजअपनी उन्हीं आँखों सेपढ़-पढ़ कर जिनसे लिखा था उन्होंने संविधानक्यों मुस्कुराते हैं वो मुझ पर?मेरी असफलता, मेरी कमीया प्रेम पर मेरा आश्रय देख कर? मैंने…

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  • ख़ुदा सुनेगा भी तो कैसे

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    बस छत तक जाने का इरादा हो जिसकाआसमान में सुराख़ वो करेगा कैसे? बुझ जाता है दिल फ़िकरों से जिसकाज़िन्दगी का सिकंदर वो बनेगा कैसे? झोपड़ी में ही महल बस…

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  • शान्त शाम

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    बहुत सालों बादआज की तारीख़ वाली शामबिल्कुल शान्त हैठीक वैसे ही जैसे शान्त थी तुम उस दिनसंचारित था जब प्रेमदो जोड़े होठों मेंजो आशा-प्रत्याशा मेंशर्माते थरथराते थे पर वह शान्ति…

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  • मिलन

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    सुना है बरसों पहलेबनारस से कोई नांव निकली संगम की तरफ पार कर के कितनी ज़मीनकितने महासागरकितने सूखेकितनी बरसातेंकितने मौसमआखिर उसे मिल ही गयावो मांझी प्रेम कामिलाने को उस धारा सेरुकी हुयी…

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