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  • सुन्दर फूल

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    फूल सुन्दर होते हैंमैंने भी लगाया था एक पौधाजिसमें फूल खिलते हैंहर एक नया खिलता पत्ताकली की आशा जगाता थामिटटी,खाद,पानी के साथनयन-प्रेम से उसको सींचा थाआशा में उस फूल कीरंग…

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  • मेरा जीवन तो पहले से निर्धारित था

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    मेरा जीवन तो पहले से निर्धारित थामैंने ही छेड़-छाड़ कीबाधित कर अविरल प्रवाहमध्यम वर्गी विचारों काजो थे उद्भवित मेरे मध्यम अस्तित्व सेचेष्टा कीकरने को आलिंगन नवीनसमाहित थे अपरोक्ष जिनमेंकुछ सुविचार…

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  • इत्तेफ़ाकन वो दिन याद आया आज

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    इत्तेफ़ाकन वो दिन याद आया आज जब चाय की चुस्कियां मैं बिन पिये ले लेता था  आज भी पीते  हैं मेरे जानने वाले  पर इस महफ़िल में वो बेतकल्लुफ़ी कहाँ  बेहिचक…

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  • नुमाइश प्यार की अपनी यहाँ मैं कर नहीं सकता

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    नुमाइश प्यार की अपनी यहाँ मैं कर नहीं सकतामैं सुन सकता हूँ तुमको लेकिन पढ़ नहीं सकतावो रुसवा हो के जिसके संग तुम खुश सी रहती होहंसा सकता है,पर आंसूँ  तुम्हारे पी…

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  • To cash my skills one needs my sign

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    I kissed the first ray through window pane, To ease the last night dream’s soaring pain, Its quite odd to feel that fragrant touch, Though no feeling in life exists…

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  • जल पैरों में फोड़े और बिवाई भी देता है

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    अख़बार में “”जल-सत्याग्रह ” करतेवृद्ध कृषकों और ग्राम निवासियों के पैर देखे।वो ऐसे तो न थे जिन्हें देख कर उन्हें ज़मीन पर रखने से मना कर दूं।लेकिन मन ग्लानि ,व्यथा और…

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  • रंग

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    इत्तेफाक़न वो रंग कुछ इस तरह आँखों में बसा और सभी रंग बेरंग हो गए  कुछ इस तरह रंगा मैंने तुम्हे रंगरेज़ बन कर मेरे सामने ही तुम्हारे हाथ पीले हो गए…

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  • व्यवासायिक प्रेम

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    उस चौराहे की बेंच आज भी वैसी है बस उम्र के कुछ साल और बढ़ गए वहां झुकी डाल आज भी वैसी है बस गिरने वाले फूल कम पड़ गए  वो पत्थर…

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  • सख्त दरवाज़े

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    सख्त दरवाज़े थे मेरे भी घर के पर वक़्त के साथ खुल गए वो जो कालिख़ लगी है कुण्डी पे और जो दरारे हैं पल्लों पे असर है उस आग…

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  • होगी मुझको चुभन भी

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    तन्हाई हसरत न थी कभी दिल की घूम फिर के दिल तन्हा फिर भी है ना मोहब्बत की कसक है ना रंजिश का असर है है रौशनी हर तरफ फैली…

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