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सुन्दर फूल
· कविताएँफूल सुन्दर होते हैंमैंने भी लगाया था एक पौधाजिसमें फूल खिलते हैंहर एक नया खिलता पत्ताकली की आशा जगाता थामिटटी,खाद,पानी के साथनयन-प्रेम से उसको सींचा थाआशा में उस फूल कीरंग…
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मेरा जीवन तो पहले से निर्धारित था
· कविताएँमेरा जीवन तो पहले से निर्धारित थामैंने ही छेड़-छाड़ कीबाधित कर अविरल प्रवाहमध्यम वर्गी विचारों काजो थे उद्भवित मेरे मध्यम अस्तित्व सेचेष्टा कीकरने को आलिंगन नवीनसमाहित थे अपरोक्ष जिनमेंकुछ सुविचार…
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इत्तेफ़ाकन वो दिन याद आया आज
· कविताएँइत्तेफ़ाकन वो दिन याद आया आज जब चाय की चुस्कियां मैं बिन पिये ले लेता था आज भी पीते हैं मेरे जानने वाले पर इस महफ़िल में वो बेतकल्लुफ़ी कहाँ बेहिचक…
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नुमाइश प्यार की अपनी यहाँ मैं कर नहीं सकता
· कविताएँनुमाइश प्यार की अपनी यहाँ मैं कर नहीं सकतामैं सुन सकता हूँ तुमको लेकिन पढ़ नहीं सकतावो रुसवा हो के जिसके संग तुम खुश सी रहती होहंसा सकता है,पर आंसूँ तुम्हारे पी…
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जल पैरों में फोड़े और बिवाई भी देता है
· कविताएँअख़बार में “”जल-सत्याग्रह ” करतेवृद्ध कृषकों और ग्राम निवासियों के पैर देखे।वो ऐसे तो न थे जिन्हें देख कर उन्हें ज़मीन पर रखने से मना कर दूं।लेकिन मन ग्लानि ,व्यथा और…
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व्यवासायिक प्रेम
· कविताएँउस चौराहे की बेंच आज भी वैसी है बस उम्र के कुछ साल और बढ़ गए वहां झुकी डाल आज भी वैसी है बस गिरने वाले फूल कम पड़ गए वो पत्थर…
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सख्त दरवाज़े
· कविताएँसख्त दरवाज़े थे मेरे भी घर के पर वक़्त के साथ खुल गए वो जो कालिख़ लगी है कुण्डी पे और जो दरारे हैं पल्लों पे असर है उस आग…
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होगी मुझको चुभन भी
· कविताएँतन्हाई हसरत न थी कभी दिल की घूम फिर के दिल तन्हा फिर भी है ना मोहब्बत की कसक है ना रंजिश का असर है है रौशनी हर तरफ फैली…