Life
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A Night of Interlude
· EssaysAs I write these words at the odd hour of the day, or night as I must say, I feel to be in trance of gloom. My Allahabad also seems…
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जीता कौन,हारा कौन?
· कविताएँकभी खाली होना तुमजब कुछ सालों बाद,तो इतनी मुरव्वत कर देनाबतला देना बस मुझको,जो खेला था सालों पहलेतुमने हमसे,उस खेल मेंथा जीता कौन और हारा कौन? -प्रशान्त
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मिल भी जाये
· कविताएँमिल भी जाये कुछ यूँ ज़िन्दगी मुझ सेन वो न मैं कभी एक दुसरे से परेशान हों यूँ देखें मुझे वो छुपी नज़र सेमेरे बस वो ही एक कद्रदान हों…
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प्रभु चलती मेरी श्वास है
· कविताएँतेरी आस है तेरी प्यास हैमेरे राम तुझ पे विश्वास हैजब तक है तू मेरी याद मेंप्रभु चलती मेरी श्वास है। मेरे हृदय में हर अंग मेंजीवन की हर तरंग…
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फाल्गुनी दोपहर
· कविताएँफाल्गुन की एक दोपहर वो भी थीजब तुम मेरे पास थी,चमकता चेहराआँखों तक मुस्कान,तुमने पहनी थीहमारे प्यार की लाल चूड़ियाँऔर कुछ भी नहीं;आज तुम नहीं हो, औरचाहे जो भी हो…
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ढूँढ़ता रहा
· कविताएँवो नूर मेरी आँखों में ही थाजिसे मैं हर सू ढूंढ़ता रहा उल्फ़त मेरी कभी ख़त्म न हुयीये अलग बात दिल टूटता रहा जब तक मिला न ख़ुदा मुझेमैं हर…
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हमें वो प्यार ही आता है
· कविताएँइतना जो तुम चाहोगीमैं कितना छुप पाऊँगाआना तो चाहता हूँन जाने कब आऊँगातुम दूर से इतना क्योंयूँ मुझको सताती होकहती हो सब आँखों सेलब से न बताती होबात इतनी सी…
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सपने वाला प्रेम
· कविताएँउमड़ आयी जो कल सपने मे मेरे वो तुम ही थी, या मेरा कोई अधूरा सपना जो इस संसार में रास्ता न पाकर नींद के चोर दरवाज़े से पहुंची मुझ…