Ghazal

  • मासूम

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    मुख़ालफ़त हमसे करते इश्क़ तो मासूम था सज़ा ज़ुबाँ को देते दिल तो बेचारा मासूम था तुम्हारे तग़ाफ़ुल से मर गया जो जीते जी कह दो तुम ही वो शख़्स…

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  • काला काँच

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    रात की काली चादर पर नाम तुम्हारा बनाना हैतुम्हारे दिल की दुनिया में छोटा सा घर बनाना है प्यार हमेशा था मुश्किल मज़हब एक बहाना हैकिसे महलों की दुनिया में…

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  • हमको ज़रा बता दो

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    बरस सके जो तुम पर वो बादल कहाँ बता दो कहाँ भेजे तेरी तस्वीरें वो पता कहाँ बता दो वो छुअन तुम्हारे गालों की अटकी है दिल में जहाँ जाकर…

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  • सुबह नये साल की

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    कशमकश भरी है सुबह इस नये साल की ज़िन्दा है सब यादें हर बीते हुये साल की इत्तेफ़ाक़न कोई सिक्का मिल जाये सड़क पर होती नहीं ताईद वो हयात-ए-मालामाल की…

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  • कहाँ तुम चले गए?

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    तुम चले जाओगे तब सोचेंगे,हमने क्या खोया हमने क्या पाया  आज संगीत की विधा ने एक चमकता हुआ सितारा सदैव के लिए खो दिया. ग़ज़ल-ए-आज़म जगजीत सिंह के लिए आज…

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