मोहब्बत जवाँ होती है इंतज़ार से
तुम्हारा बहुत दिनों से इंतज़ार है
जो कुछ किया याद तुम्हारे प्यार में
पढ़ लो मेरी आंखें तुम्हारा अख़बार हैं
फ़िसल पड़ी थी धड़कन जिस अदा पर
तुम्हारी उसी अदा पर जान निसार है
जब रहते हो तुम दूर हम लिखते हैं
मेरी रूह के करीब हमेशा मेरा यार है
जब कभी झपकती हो तुम्हारी पलक
समझ लेना तुम मुझे तुम्हारा इंतज़ार है
– प्रशान्त

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