खालीपन

– अशान्त ·

– Ashant ·

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कभी चाहे-अनचाहे
होना चाहिये खाली भी,
क्योंकि,
खाली में होती है सम्भावना
भरने की।
खालीपन वो परमहंस है,
जिनसे मिटता है भेद सत्य-असत्य का
और मिल जाते हैं सच्चे मित्र।
खालीपन यात्रा है
मनुष्य की देवत्व की ओर।
-प्रशान्त 

– अशान्त

– Ashant

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