कुछ पल

– अशान्त ·

– Ashant ·

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कुछ पल के बस ये दिन हैं
कुछ दिन की बस ये बात है
फिर समाँ बदल जाएगा
बेफिक्री के इस जहाँ में
फ़िक्र का बादल आएगा
कुछ पल के बस ये दिन है 
वो शरारतें याद आएँगी
बिन बात हँसना याद आएगा
वो डाटें याद आएँगी
यारों संग बीता वक़्त याद आएगा
मस्ती की सुबह जायेगी
कुछ पल के बस ये दिन है 
ख़्वाबों की बातें भूल जायेगी
वो मंजर सब मिट जाएगा
दोस्तों की बाहें छूट जायेंगी 
यादों का गलियारा रह जाएगा
अकेलापन हमको सताएगा
कुछ पल के बस ये दिन है 
जवानी की गल्तियाँ कुछ हंसाएगी
कुछ यादें बहुत रुलायेंगी 
इश्क का पहला एहसास याद आएगा
और फिजाओं को हमेशा महकाएगा
ये पल दिल में कहीं छुप जाएगा
कुछ पल के बस ये दिन है 
इन लम्हों का गुलदस्ता बन जाएगा
आगे भी पुरानी कहानी दोहराएगा
जब उदास तू हो जाएगा
तो बीता हुआ कल हंसायेगा
वो इमारत बहुत याद आएगी
कुछ पल के बस ये दिन है 
अशांत 

– अशान्त

– Ashant

अशान्त की चिट्ठी

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Comments

2 responses to “कुछ पल”

  1. Anonymous avatar
    Anonymous

    kuch baatein mein sach mein aam ho ke bhi khaas hoti kisi ki sacchi mohabaat, kisi ki jhooti tasaaliyan… sab saath hi rehti hai..ye jhooth hai ki sirf buri yaadein yaad aati hai.. achi yaadein hamesha meetha tohfa banke zubaan pe chadd jaati hai..

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  2. Akshat Sinha avatar

    Good one prashant.. job well done.. 🙂

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